अनिल अग्रवाल का छलका दर्द: बेटे की मौत के बाद 25 साथियों को खोया, एथेना प्लांट हादसे पर तोड़ी चुप्पी

वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने एक भावुक पोस्ट के जरिए अपने जीवन के सबसे कठिन दौर का जिक्र किया है। उन्होंने साझा किया कि साल की शुरुआत में अपने जवान बेटे अग्निवेश को खोने के बाद अब सिंघीतराई स्थित एथेना पावर प्लांट हादसे ने उन्हें गहरा जख्म दिया है। अग्रवाल ने लिखा कि वक्त अक्सर इम्तिहान लेता है और पिछले कुछ महीनों से वे इसी असहनीय पीड़ा का अनुभव कर रहे हैं। 14 अप्रैल को हुए इस दर्दनाक हादसे में 25 कीमती जानों के जाने पर उन्होंने गहरा दुख व्यक्त किया है।
हादसे पर हैरानी और भरोसे की बात अनिल अग्रवाल ने प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था पर बात करते हुए कहा कि एथेना प्लांट के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी देश की सबसे भरोसेमंद महारत्न कंपनी एनटीपीसी और जीई की पार्टनरशिप वाली संस्था एनजीएसएल को सौंपी गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वहां काम करने वाले कर्मचारी और विशेषज्ञ भी उन्हीं के थे और वेदांता ने पूरी तरह निश्चिंत होकर यह काम आउटसोर्स किया था। उन्होंने इस स्थिति की तुलना एक ऐसे वाहन मालिक से की जो अपनी गाड़ी भरोसेमंद ड्राइवर को सौंपकर सलामती की उम्मीद करता है। चेयरमैन ने कहा कि सुरक्षा पर सर्वोच्च ध्यान देने के बावजूद इतनी बड़ी दुर्घटना होना दिल तोड़ देने वाला है।
पीड़ित परिवारों की मदद का भरोसा हादसे में जान गंवाने वाले प्रियजनों को श्रद्धांजलि देते हुए अनिल अग्रवाल ने कहा कि होनी पर किसी का बस नहीं चलता। उन्होंने जानकारी दी कि प्लांट हादसे के सभी पीड़ितों को मुआवजा दिया जा चुका है। अग्रवाल ने विश्वास दिलाया कि वेदांता समूह का चेयरमैन होने के नाते भविष्य में भी प्रभावित परिवारों के लिए जो भी संभव होगा वह जरूर करेंगे। उन्होंने इस पूरी घटना को अकल्पनीय और अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए अपने बेटे सहित सभी मृतकों के प्रति संवेदना प्रकट की है।



