मासूम की संदिग्ध मौत से तखतपुर में सनसनी: परिजनों के बदलते बयानों ने उलझाई गुत्थी, इंजेक्शन या 108 डिग्री बुखार?

बिलासपुर जिले के तखतपुर क्षेत्र के ग्राम अमलिकापा में एक मासूम बच्ची की मौत ने पुलिस और प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं। बुधवार की शाम जब परिजन बच्ची को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया लेकिन इसके बाद शुरू हुआ बयानों का विरोधाभास मामले को गहराता जा रहा है। अस्पताल लाते समय बच्ची की जान जा चुकी थी और संदिग्ध परिस्थितियों को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
निजी क्लीनिक के डॉक्टर और परिजनों के दावों में भारी अंतर
परिजनों ने शुरुआत में दावा किया था कि एक निजी क्लीनिक में इंजेक्शन लगाने के बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ी लेकिन पुलिसिया पूछताछ में वे इस बात से मुकर गए और कहा कि कोई इलाज ही नहीं कराया गया था। दूसरी ओर जिस निजी क्लीनिक पर आरोप लगा था उसके डॉक्टर ने साफ किया है कि बच्ची को दोपहर में अत्यंत तेज बुखार की स्थिति में लाया गया था और उन्होंने केवल स्पंजिंग करके उसे वापस भेज दिया था। डॉक्टर का स्पष्ट कहना है कि बच्ची को न तो कोई दवा दी गई और न ही कोई इंजेक्शन लगाया गया जिससे परिजनों के पुराने दावों पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।
पीएम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी सबकी निगाहें
जरहागांव थाना प्रभारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी साक्ष्यों और बयानों का विश्लेषण शुरू कर दिया है क्योंकि परिजनों के लगातार बदलते रुख ने संदेह पैदा कर दिया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों ने मामले को पूरी तरह संदिग्ध माना है और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करा ली गई है। अब सारा दारोमदार पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिका है जिसके आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि मासूम की जान बीमारी से गई है या इसके पीछे कोई और बड़ी साजिश छिपी है।



