8वें वेतन आयोग के लिए बड़ा प्रस्ताव, न्यूनतम वेतन 18 हजार से बढ़ाकर 69 हजार करने की मांग

नई दिल्ली। नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की ड्राफ्टिंग कमेटी ने 8वें वेतन आयोग के लिए अपनी मांगों का कॉमन मेमोरेंडम सौंप दिया है। इसमें न्यूनतम बेसिक वेतन को 18,000 रुपये से बढ़ाकर 69,000 रुपये करने की मांग की गई है।
कमेटी ने इसके लिए 3.83 के फिटमेंट फैक्टर की सिफारिश की है। फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक होता है, जिसके आधार पर कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में वृद्धि की जाती है। प्रस्ताव के अनुसार यह करीब चार गुना बढ़ोतरी का संकेत देता है।
कमेटी ने अपनी मांग के पीछे दो प्रमुख आधार बताए हैं। पहला, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के अनुसार शारीरिक श्रम करने वाले व्यक्ति को प्रतिदिन लगभग 3,490 किलो कैलोरी ऊर्जा की आवश्यकता होती है। इसी आधार पर पांच सदस्यीय परिवार के भोजन और आवश्यक खर्च का आकलन किया गया है। दूसरा, 7वें वेतन आयोग में तीन सदस्यीय परिवार को आधार माना गया था, जबकि 8वें वेतन आयोग के लिए इसे बढ़ाकर पांच सदस्यीय परिवार किया गया है।
ड्राफ्ट के अनुसार जनवरी 2026 के आधार पर एक औसत परिवार के मासिक खर्च का विस्तृत अनुमान तैयार किया गया है। खाने-पीने की वस्तुओं पर लगभग 26,887 रुपये खर्च आता है। कपड़े और अन्य जरूरतें जोड़ने पर यह राशि 32,577 रुपये तक पहुंचती है।
इसके बाद मकान किराया जोड़ने पर खर्च करीब 35,020 रुपये हो जाता है। बिजली, पानी और ईंधन जैसे खर्च शामिल करने पर यह आंकड़ा 42,000 रुपये से अधिक हो जाता है। वहीं शिक्षा, सामाजिक जरूरतें, त्योहार और अन्य खर्च जोड़ने पर कुल मासिक खर्च लगभग 68,947 रुपये आंका गया है।
कमेटी का कहना है कि यदि सरकार इस आकलन को स्वीकार करती है, तो न्यूनतम वेतन 69,000 रुपये तक तय किया जा सकता है।



