मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री मोदी से की मुलाकात, बस्तर के विकास का विस्तृत ब्लूप्रिंट सौंपा

रायपुर। Vishnu Deo Sai ने आज Narendra Modi से मुलाकात कर बस्तर के समग्र विकास का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में नक्सलवाद खत्म होने के बाद स्थापित शांति के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया और उन्हें मानसून के बाद बस्तर आने का आमंत्रण भी दिया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर सहित पूरे राज्य में अब शांति का माहौल है और विकास कार्यों को गति दी जा रही है। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में एजुकेशन सिटी, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। वहीं इंद्रावती नदी पर बैराज, रेल लाइन और एयरपोर्ट विस्तार के जरिए कनेक्टिविटी मजबूत की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ब्लूप्रिंट बस्तर में विकास, रोजगार और बेहतर सुविधाओं के नए दौर की शुरुआत करेगा। उन्होंने उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री द्वारा वर्षों पहले देखा गया शांति और विकास का सपना अब साकार हो रहा है और क्षेत्र में लोगों के बीच विश्वास और उत्साह का माहौल है।
प्रस्तुत विकास योजना ‘सैचुरेशन, कनेक्ट, फैसिलिटेट, एम्पावर और एंगेज’ रणनीति पर आधारित है। इसके तहत दूरस्थ गांवों को सड़कों से जोड़ने के लिए 2027 तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधूरे कार्य पूरे किए जाएंगे। साथ ही 228 नई सड़कों और 267 पुलों के निर्माण का प्रस्ताव है। 61 नई परियोजनाओं के लिए विशेष केंद्रीय सहायता की भी मांग की गई है।
ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में हर घर तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। शिक्षा के क्षेत्र में 45 पोटा केबिन स्कूलों को स्थायी भवनों में परिवर्तित किया जाएगा। युवाओं के लिए 15 स्टेडियम और 2 मल्टीपर्पज हॉल बनाए जाएंगे। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार और डॉक्टरों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल बनाए जा रहे हैं।
कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में इंद्रावती नदी पर देउरगांव और मटनार में दो बड़े प्रोजेक्ट स्वीकृत किए गए हैं, जिनसे 31,840 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इससे क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
आजीविका बढ़ाने के लिए तीन वर्षीय योजना तैयार की गई है, जिसके तहत 2029 तक 85 प्रतिशत परिवारों की मासिक आय 15,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करने का लक्ष्य रखा गया है। ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ योजना का विस्तार नए जिलों तक किया जा रहा है, ताकि विकास का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंच सके।
‘अंजोर विजन 2047’ और ‘विकसित भारत 2047’ के तहत स्टार्टअप नीति लागू की गई है, जिसमें 2030 तक 5,000 स्टार्टअप तैयार करने का लक्ष्य है।
पर्यटन के क्षेत्र में चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान सहित एडवेंचर टूरिज्म, कैनोपी वॉक और ग्लास ब्रिज जैसी परियोजनाओं का विकास किया जा रहा है। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन क्षेत्र को नई पहचान दे रहे हैं। अब तक एक लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 40 हजार को रोजगार मिल चुका है।
मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत योजना में ‘बस्तर मुन्ने’ कार्यक्रम भी शामिल है, जिसके तहत हर ग्राम पंचायत में शिविर लगाकर लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मौके पर ही उपलब्ध कराया जाएगा।
प्रस्तावित प्रधानमंत्री दौरे के दौरान रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन, जगदलपुर एयरपोर्ट विस्तार, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज और जगरगुंडा तथा ओरछा में एजुकेशन सिटी जैसी परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण प्रस्तावित है। ये सभी पहल बस्तर को शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में नई दिशा देंगी।



