हॉर्मुज जलडमरूमध्य में हलचल का असर; सेंसेक्स और निफ्टी में भारी उतार-चढ़ाव, जानें किन शेयरों में है गिरावट

हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर घरेलू शेयर बाजार पर देखने को मिला। सोमवार को बाजार ने शुरुआती तेजी दिखाई, लेकिन निवेशकों की घबराहट के चलते यह बढ़त टिक नहीं सकी और सेंसेक्स व निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई।
बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच पीएसयू बैंक, मेटल और ऑटो सेक्टर ने सहारा देने की कोशिश की। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त रही, जबकि मेटल और ऑटो इंडेक्स में भी आधे प्रतिशत से ज्यादा तेजी देखी गई। इसके विपरीत फार्मा और ऑयल एंड गैस सेक्टर पर दबाव बना रहा, जिनमें 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
मिडकैप शेयरों में खरीदारी का रुझान बना हुआ है, जबकि स्मॉलकैप शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है। कुल मिलाकर बाजार में गिरावट के चलते निवेशकों की संपत्ति में बड़ी कमी आई है। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 85 हजार करोड़ रुपये घट गया है।
आंकड़ों के अनुसार, 2 अप्रैल 2026 को बीएसई का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 4,22,37,484.54 करोड़ रुपये था, जो 6 अप्रैल 2026 को घटकर 4,21,52,477.60 करोड़ रुपये रह गया। इस तरह निवेशकों की पूंजी में 85,006.94 करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 12 शेयर बढ़त में कारोबार कर रहे हैं। इनमें टाटा समूह की कंपनियां ट्रेंट और टाइटन सबसे अधिक बढ़त में हैं।
बीएसई पर कुल 3,902 शेयरों में कारोबार हो रहा है। इनमें से 1,829 शेयर बढ़त में, 1,857 शेयर गिरावट में और 216 शेयर स्थिर बने हुए हैं। इसके अलावा 42 शेयर अपने एक साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचे हैं, जबकि 61 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए हैं। 166 शेयर अपर सर्किट में और 115 शेयर लोअर सर्किट में कारोबार कर रहे हैं।



