बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे की ओर बड़ा कदम, इसरो की तकनीक बनी सहायक: गृह मंत्री

जगदलपुर। बड़े नक्सली लीडर पापा राव के आत्मसमर्पण के बाद 31 मार्च तक नक्सलमुक्त बस्तर की दिशा में प्रयास तेज हो गए हैं। इस सफलता के पीछे कई अहम कारण सामने आए हैं, जिनमें इसरो की तकनीकी सहायता भी शामिल है। इसका खुलासा गृह मंत्री विजय शर्मा ने किया।
जगदलपुर के शौर्य भवन में मीडिया से चर्चा करते हुए गृह मंत्री ने बताया कि नक्सलवाद के खात्मे में इसरो की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। सैटेलाइट के जरिए नक्सलियों की गतिविधियों और मूवमेंट पर नजर रखने में सुरक्षा बलों को मदद मिली, जिससे ऑपरेशन को प्रभावी ढंग से अंजाम दिया जा सका।
उन्होंने कहा कि बस्तर में स्थापित सुरक्षाबलों के करीब 400 कैंपों को अब लघु वनोपज केंद्रों में परिवर्तित किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और आर्थिक लाभ मिलेगा।
गृह मंत्री विजय शर्मा के अनुसार, बस्तर में अब डीकेएसजेडसी स्तर का कोई भी बड़ा माओवादी सक्रिय नहीं बचा है। कुछ गिने-चुने माओवादी ही शेष हैं, जिनके पुनर्वास की प्रक्रिया भी सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में तीन हजार से अधिक माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि लगभग दो हजार माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा करीब सवा पांच सौ माओवादी मुठभेड़ों में मारे गए हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के जवानों के साहस और रणनीति के चलते यह संभव हो पाया है।
गृह मंत्री ने यह भी कहा कि बस्तर संभाग के साथ-साथ राज्य के अन्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी स्थिति में सुधार हुआ है और नक्सलमुक्ति की दिशा में लगातार प्रगति हो रही है।



