मत्स्य पालकों के लिए वरदान साबित हो रहे सुशासन शिविर, आधुनिक तकनीक और उपकरणों से आसान हुआ मछली पालन

रायपुर, 9 मई 2026। दंतेवाड़ा जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में आयोजित सुशासन शिविर ग्रामीणों के लिए राहत और सुविधाओं का बड़ा माध्यम बनते जा रहे हैं। शिविरों में मौके पर ही समस्याओं का समाधान किया जा रहा है, वहीं विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को आधुनिक उपकरण और सामग्री भी नि:शुल्क वितरित की जा रही है। इससे ग्रामीणों में उत्साह बढ़ा है और बड़ी संख्या में लोग शिविरों में पहुंच रहे हैं।
इसी क्रम में भूसारास और हल्बारास में आयोजित सुशासन शिविरों में मत्स्य विभाग द्वारा मत्स्य पालकों को उन्नत जाल और आइस बॉक्स वितरित किए गए। इससे मछली पालन और विक्रय का काम अब अधिक सुविधाजनक और लाभकारी बन रहा है।
विकासखंड कटेकल्याण के ग्राम भूसारास निवासी हिड़मा मंडावी ने बताया कि वह पिछले 10 वर्षों से अपनी 0.20 हेक्टेयर भूमि में तालाब बनाकर रोहू, कतला और मृगल मछलियों का पालन कर रहे हैं। इससे उन्हें हर साल 30 से 40 हजार रुपये की आमदनी होती है। उन्होंने बताया कि पहले उनके पास मछली पकड़ने के लिए जाल नहीं था और किराए पर जाल लेकर काम करना पड़ता था। अब सुशासन तिहार 2026 के तहत जाल मिलने से उन्हें काफी राहत मिली है और आय बढ़ने की उम्मीद है।
इसी तरह महादेव मरकाम को विभागीय फुटकर मछली विक्रय योजना के तहत आइस बॉक्स प्रदान किया गया। पहले मछलियों को तुरंत बाजार पहुंचाना पड़ता था, क्योंकि स्टोरेज की सुविधा नहीं थी। कई बार मछलियां खराब होने की स्थिति बन जाती थी। अब आइस बॉक्स मिलने से मछलियों को सुरक्षित रखकर बाजार तक ले जाना आसान हो गया है।
ग्राम पंचायत हल्बारास, विकासखंड कुआकोंडा में भी मत्स्य कृषक परमेश्वर राना और सुनील कुमार भोयर को विभागीय सामग्री दी गई। परमेश्वर राना पिछले 8 वर्षों से 0.50 हेक्टेयर तालाब में मछली पालन कर रहे हैं और सालाना 60 से 70 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रहे हैं। जाल नहीं होने से उन्हें परेशानी होती थी, लेकिन अब विभाग से जाल मिलने के बाद काम आसान हो गया है।
वहीं सुनील कुमार भोयर को आइस बॉक्स मिलने से मछली को सुरक्षित तरीके से बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। ग्रामीणों का कहना है कि सुशासन शिविरों के जरिए सरकार सीधे गांवों तक पहुंचकर लोगों की जरूरतों को समझ रही है और उनका समाधान कर रही है। इससे ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है।



