अंबिकापुर में बड़ी लापरवाही: आवारा कुत्तों ने 15 हिरणों को उतारा मौत के घाट, मुख्य वन संरक्षक ने की सख्त कार्रवाई

अंबिकापुर। नगर के संजय वन वाटिका में आवारा कुत्तों के हमले से 15 हिरणों की मौत के मामले में वन विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। मुख्य वन संरक्षक सरगुजा वनवृत्त दिलराज प्रभाकर ने वन वाटिका के प्रभारी सहित तीन सहायकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में सभी अधिकारियों का मुख्यालय सरगुजा वनमंडल अंबिकापुर निर्धारित किया गया है।
21 मार्च को जारी आदेश में बताया गया है कि शासकीय कर्तव्यों के प्रति गंभीर लापरवाही और वन्य प्राणियों के संरक्षण में घोर उदासीनता पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई है। निलंबित किए गए कर्मचारियों में उपवनक्षेत्रपाल और संजय वन वाटिका के प्रभारी अशोक सिन्हा, वनपाल सहायक ममता परते, वनपाल प्रतिमा लकड़ा और वनपाल बिंदु सिंह शामिल हैं। सभी को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के तहत निलंबित किया गया है।
विभागीय जानकारी के अनुसार आवारा कुत्तों के हमले में कुल 15 हिरणों की मौत हुई है। इनमें एक नर कोटरा, पांच मादा कोटरा, एक नर चीतल, पांच मादा चीतल और दो नर चौसिंघा शामिल हैं। आदेश जारी होने के बाद एक और हिरण की मौत हो गई, जिसके बाद वन विभाग ने नियमानुसार अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की।
इस घटना के बाद वन्यजीव संरक्षण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।




