ईद-उल-फितर आज: नमाज से पहले अदा किया गया फितरा, जरूरतमंदों की मदद कर बांटी गई खुशियां

शनिवार को ईद-उल-फितर का पर्व पूरे देश में उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। रमजान के पूरे महीने रोजा रखने के बाद यह दिन मुसलमानों के लिए विशेष महत्व रखता है। इसे मीठी ईद भी कहा जाता है, क्योंकि इस दिन लोग आपसी भाईचारे के साथ खुशियां बांटते हैं और अल्लाह का शुक्र अदा करते हैं।
सुबह से ही लोग ईद की तैयारियों में जुटे नजर आए। नहाने-धोने के बाद नए या साफ कपड़े पहनकर और इत्र लगाकर लोग ईदगाह और मस्जिदों में नमाज अदा करने पहुंचे। नमाज के बाद एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी गई। कई स्थानों पर नमाज के बाद अलग रास्ते से घर लौटने की परंपरा भी निभाई गई।
ईद की नमाज से पहले जकात-उल-फितर देना जरूरी माना गया है। रमजान के समापन के साथ ही यह दान किया जाता है, जिसका उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाना होता है, ताकि वे भी ईद की खुशियों में शामिल हो सकें। कई लोग मस्जिदों और सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से फितरा अदा करते हैं।
ईद-उल-फितर इस्लामी कैलेंडर के शव्वाल महीने की पहली तारीख को मनाई जाती है और इसकी तिथि चांद दिखने पर तय होती है। अलग-अलग देशों में यह पर्व एक-दो दिन के अंतर से मनाया जाता है। आमतौर पर ईद का उत्सव दो से तीन दिनों तक चलता है। इतिहास के अनुसार, ईद-उल-फितर मनाने की परंपरा पैगंबर हजरत मोहम्मद द्वारा मदीना में शुरू की गई थी, जब पहली बार मुसलमानों ने रमजान के रोजे पूरे किए थे।



