बोर्ड परीक्षा देकर निकली छह छात्राएं लापता, पुलिस ने तीन टीमें गठित कर शुरू की तलाश

बिजनौर। जिले के चांदपुर में गुरुवार शाम इंटरमीडिएट की अंतिम बोर्ड परीक्षा देने के बाद कॉलेज से निकली छह छात्राएं लापता हो गईं। इनमें रोनिया गांव की दो, सियाउ गांव की दो और चांदपुर नगर की दो छात्राएं शामिल हैं। देर रात तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद मामले में तीन टीमें गठित कर छात्राओं की तलाश शुरू की गई है।
जानकारी के अनुसार गुरुवार शाम करीब 5 बजकर 15 मिनट पर परीक्षा समाप्त होने के बाद छात्राएं कॉलेज से निकली थीं, लेकिन उसके बाद उनका कोई पता नहीं चल सका। एक छात्रा के मोबाइल फोन की लोकेशन हरिद्वार में मिली थी, लेकिन बाद में उसका फोन भी बंद हो गया। पुलिस ने करीब 18 घंटे बाद मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है।
छात्राओं के लापता होने के बाद परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि वे रात में ही थाने पहुंच गए थे, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने में देरी की। उनका आरोप है कि 112 नंबर पर कॉल करने के बाद ही पुलिस हरकत में आई और मुकदमा दर्ज किया गया।
लापता छात्रा की बहन रानी ने बताया कि अब तक बच्चियों का कोई सुराग नहीं मिला है, जिससे परिवार के लोग बेहद चिंतित और डरे हुए हैं। मामले की निगरानी चांदपुर के सीओ देश दीपक कर रहे हैं।
क्षेत्र में पहले से लड़कियों के लापता होने के कुछ अनसुलझे मामलों के कारण परिजनों की चिंता और बढ़ गई है। लोगों को 19 सितंबर 2025 से लापता कक्षा सात की छात्रा मुस्कान और स्योहारा की फिजा का मामला याद आ रहा है, जिनका छह महीने बाद भी कोई सुराग नहीं मिला है।
घटना की जानकारी मिलते ही शिवसेना और अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता भी थाने पहुंच गए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि छात्राओं को जल्द बरामद नहीं किया गया तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
पुलिस की टीमें मोबाइल लोकेशन के आधार पर हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में तलाश कर रही हैं। हालांकि मोबाइल फोन बंद होने के कारण जांच में दिक्कत आ रही है। परिजनों ने पुलिस को दो घंटे का अल्टीमेटम दिया है, जबकि अधिकारियों का कहना है कि छात्राओं की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल पूरे चांदपुर क्षेत्र में तनाव और दहशत का माहौल बना हुआ है।



