भोपाल में किन्नर शंकराचार्य का अभिषेक और घर वापसी, धर्म शास्त्रों के उल्लंघन का लगा आरोप

भोपाल । महाशिवरात्रि के अवसर पर किन्नर समाज से जुड़ा एक कार्यक्रम चर्चा का विषय बन गया। कार्यक्रम में हिमांगी सखी का पट्टाभिषेक कर उन्हें किन्नर शंकराचार्य घोषित किया गया। साथ ही सम्मेलन में कुछ जगद्गुरुओं और महामंडलेश्वरों की घोषणा भी की गई।
कार्यक्रम के दौरान धर्मांतरित किन्नरों की घर वापसी कराई गई और मुस्लिम किन्नरों को शुद्धिकरण के बाद हिंदू धर्म में शामिल किए जाने की जानकारी दी गई। बताया गया कि इस पद के लिए राजस्थान के पुष्कर पीठ का चयन किया गया था। कार्यक्रम में किन्नर अखाड़े के संस्थापक ऋषि अजय दास भी उपस्थित रहे।
इधर इस घोषणा को लेकर संत समाज के एक वर्ग ने आपत्ति जताई है। साधु संत सन्यासी समिति के कार्यकारी अध्यक्ष स्वामी अनिलानंद ने कहा कि किन्नरों की सनातन धर्म में वापसी से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन अलग से किन्नर शंकराचार्य बनाना धर्मशास्त्र के विरुद्ध है। उनका कहना है कि परंपरा के अनुसार केवल चार शंकराचार्य ही मान्य हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम धार्मिक परंपराओं के खिलाफ है और इस संबंध में शिकायत भी दर्ज कराई गई है। साथ ही धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के मामले में वैधानिक कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की गई है।



