जल जीवन मिशन के तहत 8555 योजनाओं का ग्राम पंचायतों द्वारा संचालन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने बनाया रोडमैप

रायपुर, 23 मई 2026। उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव ने शनिवार को मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा की। बैठक में जल जीवन मिशन, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की पेयजल योजनाओं और ग्रीष्मकालीन पेयजल व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। राज्य के सभी जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल जीवन मिशन के शेष कार्यों को तय समय-सीमा में गंभीरता और तेजी के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि मैदानी स्तर पर कार्यों की प्रगति के आधार पर ही केंद्र और राज्य सरकार से राशि जारी होगी। उन्होंने कहा कि पेयजल व्यवस्था लोगों की मूलभूत आवश्यकता है, इसलिए विभाग को दूरदृष्टि के साथ काम करना होगा।
बैठक में हर गांव की पेयजल व्यवस्था की नियमित जांच करने और किसी भी समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिन गांवों में जल जीवन मिशन के कार्य पूर्ण हो चुके हैं, वहां “हर घर जल” का सत्यापन कर योजनाओं का संचालन ग्राम पंचायतों को सौंपने कहा गया।
अरुण साव ने गर्मी के मौसम में खराब हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत, सूख चुके हैंडपंपों में राइजर पाइप बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर नए ट्यूबवेल खोदने के निर्देश दिए। उन्होंने जलजनित रोगों से बचाव के लिए पाइपलाइन की जांच और जल गुणवत्ता परीक्षण पर भी जोर दिया।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026-27 में 13,183 योजनाओं और 2027-28 में 7,352 योजनाओं को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में अब तक 7060 गांव “हर घर जल” रिपोर्टेड हैं, जिनमें से 6018 गांवों का सत्यापन किया जा चुका है। राज्य में 8555 एकल ग्राम नल जल योजनाओं का संचालन-संधारण ग्राम पंचायतों को सौंपा जा चुका है।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंप, सिंगल फेज पॉवर पंप, सौर ऊर्जा संचालित पंप और नल जल योजनाओं के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। ग्रीष्मकाल में 19,807 खराब हैंडपंपों की मरम्मत की गई तथा हजारों मीटर राइजर पाइप बदले और बढ़ाए गए हैं।
बैठक में विभागीय अधिकारियों ने वर्षा जल संचयन, वृक्षारोपण और जल स्रोतों के संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया।


