गिर जंगल में 7 एशियाई शेरों की मौत से हड़कंप, संक्रमण की आशंका पर हाई अलर्ट

गिर राष्ट्रीय उद्यान में पिछले कुछ दिनों के भीतर 7 एशियाई शेरों की मौत ने वन विभाग और राज्य सरकार की चिंता बढ़ा दी है। लगातार हो रही मौतों के बाद पूरे गिर क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। यह जंगल दुनिया में एशियाई शेरों का आखिरी प्राकृतिक बसेरा माना जाता है।

वन विभाग के मुताबिक संक्रमण फैलने की आशंका को देखते हुए 17 शेरों को क्वारंटाइन में रखा गया है। इनमें से 8 शेरों में संक्रमण जैसे लक्षण पाए गए हैं। हालात को देखते हुए जंगल में विशेष निगरानी अभियान शुरू किया गया है और बड़ी संख्या में वनकर्मियों को तैनात किया गया है।
भूपेंद्र पटेल ने मामले को गंभीर मानते हुए अधिकारियों के साथ हाई लेवल समीक्षा बैठक की। बैठक में गिर गढ़डा और बाबरिया क्षेत्र के 10 किलोमीटर के दायरे में मौजूद सभी शेरों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल अन्य शेरों में किसी गंभीर बीमारी की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एहतियात के तौर पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। अमरेली और भावनगर जिलों में भी वन विभाग की टीमें लगातार शेरों की गतिविधियों और स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए हैं।
इधर राज्यसभा सांसद और वन्यजीव प्रेमी परिमल नथवानी ने भी इस मामले पर चिंता जताई है। उन्होंने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और गुजरात के वन मंत्री अर्जुन मोढवाडिया को पत्र लिखकर शेरों की मौतों की जांच की मांग की है।
नथवानी ने आशंका जताई है कि मौतों के पीछे कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) और बेबेसिया संक्रमण हो सकता है। हालांकि वन विभाग की ओर से अभी अंतिम रिपोर्ट जारी नहीं की गई है।
गिर राष्ट्रीय उद्यान प्रबंधन का कहना है कि संक्रमित शेरों के इलाज और बचाव के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विशेषज्ञ टीमों को भी निगरानी में लगाया गया है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।


