महिला समूहों के जैविक विष्णुभोग चावल की राजधानी तक पहुंची खुशबू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने की सराहना

रायपुर। गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले की ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार किया जा रहा जैविक विष्णुभोग चावल अब प्रदेशभर में अपनी अलग पहचान बना रहा है। जिले के महिला स्व-सहायता समूहों की मेहनत से तैयार इस विशेष चावल की खुशबू अब राजधानी रायपुर तक पहुंच गई है। सोमवार को जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह ने उप मुख्यमंत्री अरुण साव को जिले का प्रसिद्ध जैविक विष्णुभोग चावल भेंट किया।

यह चावल राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत कार्यरत अरपा बिहान महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा जैविक तरीके से तैयार किया गया है। महिला समूह न केवल इसकी खेती कर रहे हैं, बल्कि प्रसंस्करण, पैकेजिंग और मार्केटिंग का काम भी संभाल रहे हैं।
उपेन्द्र बहादुर सिंह ने उप मुख्यमंत्री को बताया कि जिले में पारंपरिक और स्थानीय कृषि उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विष्णुभोग धान का जैविक उत्पादन किया जा रहा है। इससे ग्रामीण महिलाओं को रोजगार मिल रहा है और उनकी आमदनी में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
महिला समूहों द्वारा तैयार उत्पाद अपनी गुणवत्ता और शुद्धता के कारण बाजार में पसंद किए जा रहे हैं। इसके साथ ही यह पहल स्थानीय कृषि परंपराओं को संरक्षित करने में भी अहम भूमिका निभा रही है। बेहतर पैकेजिंग और ब्रांडिंग के कारण इन उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने महिला समूहों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण महिलाओं की यह पहल आत्मनिर्भर भारत के सपने को मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रहे हैं।
उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों और जिला प्रशासन को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि भविष्य में ऐसे स्थानीय उत्पाद राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी मजबूत पहचान बनाएंगे।



