मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्राम कुकरू में ग्रामीणों के साथ सुना “मन की बात” कार्यक्रम

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 135वें संस्करण का रविवार को प्रसारण हुआ। इस दौरान प्रधानमंत्री ने मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा में चल रहे प्लास्टिक मुक्त अभियान का विशेष उल्लेख करते हुए इसे जनभागीदारी से सामाजिक परिवर्तन और ‘वेस्ट टू वेल्थ’ का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
कार्यक्रम को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल जिले के हिल स्टेशन ग्राम कुकरू में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के साथ सुना। इस अवसर पर केंद्रीय जनजातीय मामलों के राज्यमंत्री दुर्गादास उइके, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, विधायक महेन्द्र केशर सिंह चौहान, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. मोहन नागर सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।
पीएम मोदी ने कहा- छोटी पहल बनी जन आंदोलन
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ में कहा कि राजगढ़ जिले के ब्यावरा की कुछ महिलाओं ने अपने आसपास फैले प्लास्टिक कचरे को हटाने का संकल्प लिया और बिना किसी इंतजार के स्वयं आगे बढ़कर पूरे शहर से प्लास्टिक कचरा और खाली बोतलें एकत्र करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते यह प्रयास एक जन-आंदोलन में बदल गया।
उन्होंने कहा कि एकत्रित प्लास्टिक का पुनर्चक्रण कर सार्वजनिक स्थलों को सुंदर बनाने में उपयोग किया जा रहा है। बीते कुछ महीनों में सैकड़ों किलो प्लास्टिक को नए स्वरूप में बदलकर उपयोगी बनाया गया है। प्रधानमंत्री ने इस अभियान से जुड़ी सभी महिलाओं और सहयोगियों को बधाई देते हुए उनके प्रयास को पूरे देश के लिए प्रेरणादायी बताया।
मुख्यमंत्री ने जताया गर्व
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने ब्यावरा की उन महिलाओं की सराहना की है, जो प्लास्टिक कचरे को रीसायकल कर इको-ब्रिक्स तैयार कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी प्रेरक उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री ने आगामी गणेशोत्सव में देशवासियों से मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं को अपनाने का आग्रह किया है, जिससे आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी मजबूत होगा।
क्या है ब्यावरा का प्लास्टिक मुक्त अभियान?
ब्यावरा की पर्यावरण प्रेमी संस्था के संयोजक अनिल कुशवाहा के नेतृत्व में पिछले कई महीनों से नगर में घर-घर से निकलने वाली सिंगल यूज प्लास्टिक और पॉलीथीन को एकत्र कर इको-ब्रिक्स तैयार किए जा रहे हैं। इन इको-ब्रिक्स से पार्कों और सार्वजनिक स्थलों के लिए बेंच, सजावटी संरचनाएं, गार्डन फर्नीचर और अन्य उपयोगी सामग्री बनाई जा रही है।
यह पहल ‘वेस्ट टू वैल्यू’ की अवधारणा को साकार करते हुए प्लास्टिक कचरे को उपयोगी संसाधन में बदल रही है।
जनभागीदारी बनी अभियान की ताकत
अभियान में शहर की गृहिणियां अपने घरों से निकलने वाली पॉलीथीन अलग से एकत्र कर रही हैं, व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों का प्लास्टिक संस्था को सौंप रहे हैं और युवा प्रतिदिन स्वैच्छिक रूप से इस मिशन से जुड़ रहे हैं। संस्था ने नगर में प्लास्टिक बैंक और बोतल बैंक भी स्थापित किए हैं, जहां नागरिक आसानी से प्लास्टिक जमा कर सकते हैं। साथ ही विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर नई पीढ़ी को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
संस्था के सदस्य तरुण सेन के अनुसार, वर्तमान में 40 से 50 युवाओं और महिलाओं की टीम प्रतिदिन अभियान में काम कर रही है। अब तक दो क्विंटल से अधिक प्लास्टिक को इको-ब्रिक्स में बदलकर नगर के विभिन्न स्थानों पर उपयोग किया जा चुका है।
नगरपालिका ब्यावरा ने भी इस अभिनव पहल से जुड़ते हुए भविष्य में इको-ब्रिक्स से निर्मित उत्पादों का सार्वजनिक स्थलों पर अधिक उपयोग करने की इच्छा जताई है। प्रधानमंत्री द्वारा ‘मन की बात’ में इस अभियान का उल्लेख न केवल ब्यावरा, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय बन गया है।



