30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र: नारी शक्ति कानून पर बहस, विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव तय

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल को बुलाया गया है, जिसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर जोरदार चर्चा होगी और सरकार विपक्ष के रुख पर निंदा प्रस्ताव लाने की तैयारी में है।
नारी शक्ति कानून पर सियासी टकराव तेज
इस विशेष सत्र की पृष्ठभूमि में हाल ही में रायपुर में हुई जनाक्रोश रैली है, जहां मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विपक्ष पर महिलाओं के अधिकारों को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। सरकार का कहना है कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव विपक्ष के कारण आगे नहीं बढ़ सका। इसी मुद्दे को लेकर अब विधानसभा में सीधे टकराव की स्थिति बन गई है।
सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि सत्र के दौरान विपक्ष के खिलाफ कड़ा निंदा प्रस्ताव पेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा है कि केंद्र सरकार महिलाओं के सम्मान और भागीदारी को लगातार बढ़ाने के लिए काम कर रही है, लेकिन विपक्ष ने इस दिशा में बाधा डाली है। इस मुद्दे पर अब सदन में तीखी बहस होने के आसार हैं।
सत्र पर टिकी राजनीतिक नजरें
30 अप्रैल का यह विशेष सत्र केवल एक दिन का होगा, लेकिन इसके राजनीतिक मायने बड़े हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने होंगे। यह सत्र आने वाले समय की राजनीति की दिशा भी तय कर सकता है।



