बस्तर के छोटे किलेपाल में दिव्यांगों के जीवन में लौटा आत्मसम्मान

रायपुर, 29 अप्रैल 2026/ राज्य शासन द्वारा बीते वर्ष आयोजित सुशासन तिहार के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर स्पष्ट दिखने लगे हैं, जहां प्रशासन की तत्परता दूरस्थ वनांचलों में रहने वाले ग्रामीणों के जीवन में स्वावलंबन का नया अध्याय लिख रही है। इसी कड़ी में बस्तर जिले के सुदूर जनपद पंचायत बास्तानार अंतर्गत ग्राम पंचायत छोटे किलेपाल से एक हृदयस्पर्शी सफलता की कहानी सामने आई है, जो शासन की संवेदनशीलता और जनहितैषी दृष्टिकोण को दर्शाती है।
दंतेवाड़ा जिले की सीमा से लगे इस गांव छोटे किलेपाल के निवासी सामनाथ ठाकुर और रीता ठाकुर, जो एक ही परिवार के सदस्य हैं, दिव्यांग होने के कारण लंबे समय से आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों से जूझ रहे थे। शारीरिक अक्षमता के चलते उन्हें अपनी दैनिक जरूरतों के लिए परिवार के अन्य सदस्यों पर निर्भर रहना पड़ता था। इस स्थिति ने उनके आत्मसम्मान को प्रभावित किया और आर्थिक तंगी के बीच वे स्वयं को परिवार पर बोझ महसूस करने लगे थे। वर्षों से अपनी स्थिति को नियति मान चुके इन दोनों के लिए सुशासन तिहार उम्मीद की किरण बनकर सामने आया।
शिविर के दौरान जब उन्होंने पेंशन योजना का लाभ पाने के लिए आवेदन किया, तो प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता दी। जनपद पंचायत बास्तानार के अधिकारियों ने तत्काल पहल करते हुए ग्राम पंचायत के सहयोग से उनके आधार कार्ड, बैंक पासबुक और राशन कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज जुटाए और प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया। पात्रता की पुष्टि होने पर उन्हें पेंशन स्वीकृत कर दी गई, जिसकी जानकारी मिलते ही परिवार में खुशी का माहौल बन गया।




