साध्वी प्रेम बाईसा मामला: कार्डियक अरेस्ट से हुई मौत, लापरवाही बरतने वाले कंपाउंडर पर केस दर्ज

जोधपुर। साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के 18 दिन बाद शनिवार को पुलिस कमिश्नर ओम प्रकाश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का खुलासा किया। पुलिस के अनुसार साध्वी की मौत कार्डियक अरेस्ट और सांस की बीमारी के कारण हुई, लेकिन इसमें एक कंपाउंडर द्वारा दी गई गलत दवा और लापरवाही मुख्य वजह बनकर सामने आई है।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि विशेष जांच दल ने मामले की तह तक पहुंचने के लिए 46 लोगों से पूछताछ की और कई सीसीटीवी फुटेज की जांच की। मेडिकल बोर्ड की पोस्टमार्टम और विसरा रिपोर्ट में सामने आया कि साध्वी को पहले से अस्थमा की शिकायत थी।
घटना वाले दिन सांस लेने में तकलीफ होने पर उनके पिता वीरमनाथ ने कंपाउंडर देवी सिंह को बुलाया। कंपाउंडर ने बिना डॉक्टर की पर्ची या सलाह के दो इंजेक्शन लगा दिए। इंजेक्शन लगने के बाद उनकी हालत बिगड़ गई और अस्पताल ले जाते समय उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि देवी सिंह इंजेक्शन लगाने के लिए अधिकृत था या नहीं।
मौत के बाद साध्वी के इंस्टाग्राम से डाली गई आखिरी तस्वीर और न्याय की मांग वाले पोस्ट को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई। पुलिस के अनुसार यह पोस्ट पिता के कहने पर डाली गई थी और इसमें कोई दुर्भावनापूर्ण उद्देश्य नहीं पाया गया। पत्र में उल्लेखित अग्नि परीक्षा और संतों के आशीर्वाद को साध्वी की व्यक्तिगत आध्यात्मिक भावना से जुड़ा बताया गया है पुलिस अब मेडिकल अधिनियम और संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कंपाउंडर के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रही है।



