National Geographic Traveler की नजर में आया GPM, बैगा संस्कृति और ग्रामीण पर्यटन ने जीता दिल

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ का गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिला अब अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी पहचान मजबूत करता नजर आ रहा है। विश्व प्रसिद्ध नेशनल जियोग्राफी ट्रैवलर (National Geographic Traveler) की टीम ने जिले के बैगा बहुल क्षेत्रों का दौरा कर यहां की जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराओं और ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं का अध्ययन किया।

नेशनल जियोग्राफी ट्रैवलर की राइटर एंजेला लोकाटेली और फोटोग्राफर हाजरा अहमद अंसारी ने गौरेला विकासखंड के ग्राम लमना स्थित विलेज वे-स्टे में प्रवास किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीण जीवन को करीब से देखा और स्थानीय समुदायों से संवाद कर उनकी जीवनशैली को समझा।
भ्रमण के दौरान टीम ने लमना, बस्तीबगरा और आमगांव का दौरा किया। यहां उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय की परंपराओं, रीति-रिवाजों, सामाजिक व्यवस्था और सांस्कृतिक धरोहर को नजदीक से जाना। बैगा समाज की प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवनशैली, पारंपरिक कृषि पद्धतियां और लोक ज्ञान ने विदेशी मेहमानों को खास तौर पर प्रभावित किया।
टीम ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ समय बिताया और पारंपरिक आवास, खान-पान तथा सामाजिक गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने इस क्षेत्र को भारत की जीवंत सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। दौरे के दौरान उन्होंने जिले में मिलने वाले देशी आमों का स्वाद भी चखा और उनकी विशेषताओं के बारे में जानकारी ली।
नेशनल जियोग्राफी टीम ने जिला कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन और जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे से भी मुलाकात की। इस दौरान उन्हें छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध लोक परंपरा गौरा-गौरी नृत्य देखने का अवसर मिला। पारंपरिक वेशभूषा, लोक वाद्यों और जीवंत प्रस्तुति ने अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
विलेज वे-स्टे की संचालक मनीषा पांडे और संजय पयासी ने टीम को ग्रामीण पर्यटन, जनजातीय संस्कृति और समुदाय आधारित पर्यटन मॉडल की जानकारी दी। माना जा रहा है कि नेशनल जियोग्राफी ट्रैवलर जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्था की टीम का यह दौरा GPM जिले को Global Tourism Map पर नई पहचान दिला सकता है।
इससे क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार व स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही अब Tribal Tourism, Eco Tourism और Rural Tourism का उभरता हुआ केंद्र बनता जा रहा है।



