रायपुर की विशेष अदालत में थमी सांसें! शराब घोटाले के 59 आरोपियों की हुई पेशी, ED कोर्ट कुछ ही देर में सुनाएगी फैसला; जानें सिंडिकेट की पूरी ABCD

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय की विशेष अदालत में मामले से जुड़े 59 आरोपियों को पेश किया गया। सुनवाई के दौरान सभी आरोपियों की मौजूदगी में कार्यवाही पूरी की गई और अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
कोर्ट में धारा 88 के तहत आरोपियों के बयान दर्ज किए गए। इस दौरान पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा भी पेश हुए। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र चैतन्य बघेल, सौम्या चौरसिया, निरंजन दास समेत आबकारी विभाग से जुड़े अन्य अधिकारी भी अदालत में उपस्थित रहे।
जानकारी के अनुसार अदालत जल्द ही इस मामले में अपना फैसला सुना सकती है। इस हाई प्रोफाइल मामले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसमें कई प्रभावशाली नाम शामिल हैं और इसका राजनीतिक असर भी देखा जा रहा है।
प्रवर्तन निदेशालय ने एसीबी में दर्ज एफआईआर के आधार पर 3200 करोड़ रुपये से अधिक के कथित घोटाले का उल्लेख किया है। एजेंसी के अनुसार तत्कालीन सरकार के कार्यकाल में एक कथित सिंडिकेट के जरिए इस घोटाले को अंजाम दिया गया।
जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार कथित घोटाले को तीन हिस्सों में अंजाम देने की बात कही गई है। पहले हिस्से में डिस्टलरी संचालकों से प्रति पेटी कमीशन वसूली का आरोप है। दूसरे हिस्से में अतिरिक्त शराब तैयार कर उस पर नकली होलोग्राम लगाकर सरकारी दुकानों के माध्यम से बिक्री करने का मामला सामने आया है। तीसरे हिस्से में सप्लाई जोन में हेरफेर कर अवैध वसूली किए जाने के आरोप लगाए गए हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार देशी शराब की आपूर्ति व्यवस्था में बदलाव कर जोन तय किए गए और कथित रूप से कमीशन के आधार पर वितरण किया गया। ईओडब्ल्यू की जांच में भी वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिलने का दावा किया गया है।
फिलहाल अदालत के फैसले का इंतजार किया जा रहा है, जो इस मामले में आगे की दिशा तय करेगा।



