डीएमएफ घोटाले में बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने पूर्व IAS अनिल टुटेजा की जमानत ठुकराई

बिलासपुर हाईकोर्ट ने कोरबा के डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा की जमानत याचिका खारिज कर दी, जस्टिस नरेन्द्र कुमार व्यास की सिंगल बेंच ने अपराध की गंभीरता, आरोपी की भूमिका और गवाहों को प्रभावित करने की आशंका को आधार बनाया, कोर्ट ने साफ कहा कि आरोपी ने अपने पद का दुरुपयोग कर सप्लायर्स के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर पब्लिक फंड का दुरुपयोग किया है
16 करोड़ की अवैध लेनदेन का जिक्र, पैरिटी का दावा भी नहीं माना
जांच में सामने आया कि सह आरोपी सतपाल सिंह छाबड़ा को फर्मों से 16 करोड़ रुपये गैरकानूनी कमीशन के तौर पर मिले, जिसमें से हिस्सा आरोपी तक पहुंचा, कोर्ट ने माना कि करप्शन एक्ट 1988 की धाराओं के तहत प्रथम दृष्टया संलिप्तता स्पष्ट है, आरोपी ने सुप्रीम कोर्ट से अन्य आरोपियों को मिली जमानत के आधार पर पैरिटी का दावा किया लेकिन कोर्ट ने कहा कि अन्य आरोपी लंबे समय से जेल में थे जबकि आरोपी फरवरी 2026 से ही जेल में है, ट्रायल में देरी को भी जमानत का आधार नहीं माना गया और आशंका जताई गई कि रिहाई पर सबूतों से छेड़छाड़ और गवाहों को प्रभावित किया जा सकता है


