राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका, मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द; भाजपा की सीट निर्विरोध तय

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव से पहले बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र स्क्रूटनी के दौरान खारिज कर दिया गया है। इस फैसले के बाद राज्य की तीसरी राज्यसभा सीट पर चुनावी मुकाबला समाप्त हो गया है और भाजपा उम्मीदवार महेश केवट का निर्विरोध निर्वाचित होना तय माना जा रहा है।

नामांकन जांच के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने मीनाक्षी नटराजन की उम्मीदवारी पर आपत्ति दर्ज कराई थी। भाजपा का आरोप था कि कांग्रेस उम्मीदवार ने अपने नामांकन एफिडेविट में एक लंबित आपराधिक मामले की जानकारी छिपाई है। इस मुद्दे को लेकर भाजपा नेताओं ने रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई थी।
मामले की सुनवाई के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर ने मीनाक्षी नटराजन को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया। उन्हें मंगलवार शाम तक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए समय दिया गया था। कांग्रेस उम्मीदवार ने अपना जवाब दाखिल किया, लेकिन चुनाव अधिकारी उनके स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद नामांकन पत्र को निरस्त करने का निर्णय लिया गया।
जानकारी के अनुसार मीनाक्षी नटराजन पर हैदराबाद की एक अदालत में लंबित आपराधिक मामले का उल्लेख नामांकन दस्तावेजों में नहीं करने का आरोप है। चुनावी नियमों के तहत उम्मीदवारों को अपने खिलाफ दर्ज सभी मामलों की जानकारी शपथ पत्र में देना अनिवार्य होता है। इसी आधार पर यह कार्रवाई की गई।
नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस के लिए यह बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। वहीं भाजपा खेमे में इसे महत्वपूर्ण जीत के रूप में देखा जा रहा है। अब महेश केवट के राज्यसभा पहुंचने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह घटनाक्रम राज्यसभा चुनाव से पहले प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा का विषय बन गया है। कांग्रेस इस फैसले को लेकर आगे कानूनी विकल्प अपनाती है या नहीं, इस पर भी नजर बनी हुई है।
फिलहाल चुनावी माहौल के बीच इस फैसले ने मध्य प्रदेश की राजनीतिक सरगर्मियां और बढ़ा दी हैं।



