इंदौर में आइसक्रीम फैक्ट्रियों पर बड़ा एक्शन, गंदगी और बिना लाइसेंस निर्माण का खुलासा

इंदौर में गर्मी के बीच बिक रही आइसक्रीम की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। कलेक्टर के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने शहर की आइसक्रीम निर्माण इकाइयों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए दो फैक्ट्रियों से 10 सैंपल जब्त किए। जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।

राजाराम नगर स्थित चैंपियंस आइसक्रीम एंड फ्रोजन फूड में बिना वैध लाइसेंस के आइसक्रीम निर्माण किया जा रहा था। जांच टीम को फैक्ट्री में गंदगी, जंग लगे सांचे और अव्यवस्थित तरीके से रखा गया रॉ मटेरियल मिला। पैकेजिंग पर जरूरी जानकारी अधूरी थी, जबकि निर्माण में इस्तेमाल पानी की जांच रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं थी।
टीम ने फैक्ट्री से वनीला फ्रोजन डेजर्ट, केसर पिस्ता कुल्फी, मावा और चॉकलेट पेस्ट समेत 4 सैंपल जांच के लिए जब्त किए। खराब हालात को देखते हुए प्रशासन ने यूनिट का निर्माण कार्य तत्काल बंद करा दिया।
वहीं छोटा बांगड़दा स्थित रुद्राक्ष आइसक्रीम यूनिट में भी भारी गड़बड़ियां मिलीं। यहां बिना लेबल वाले फ्लेवर का इस्तेमाल किया जा रहा था और गंदगी के बीच आइसक्रीम तैयार की जा रही थी। स्टोरेज व्यवस्था भी पूरी तरह अव्यवस्थित मिली।
प्रशासन ने यहां से आइसक्रीम के 5 और टूटी-फ्रूटी का 1 सैंपल जांच के लिए लिया। मौके पर बिना लेबल वाले फ्लेवर नष्ट कराए गए और संचालक को नोटिस जारी करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
कलेक्टर ने साफ कहा है कि खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।



