बंगाल में भ्रष्टाचार पर बड़ा एक्शन: पूर्व विधायक सब्यसाची दत्ता गिरफ्तार, रिश्वतखोरी के आरोप से मचा सियासी भूचाल

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद भ्रष्टाचार और कथित वसूली से जुड़े मामलों में कार्रवाई तेज होती दिखाई दे रही है। इसी क्रम में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक और बिधाननगर नगर पालिका के अध्यक्ष रह चुके सब्यसाची दत्ता को एक कारोबारी से एक करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ गई है।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, कारोबारी की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया था। जांच के बाद सोमवार रात रायगाछी स्थित दत्ता के आवास पर छापेमारी की गई और उन्हें हिरासत में ले लिया गया। पुलिस अब मामले से जुड़े वित्तीय लेनदेन और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
आरोप है कि बिधाननगर नगर निगम से जुड़े कुछ कार्यों के बदले कारोबारी पर भारी रकम देने का दबाव बनाया गया था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने प्राथमिक जांच शुरू की और पर्याप्त आधार मिलने पर कार्रवाई की गई।
सब्यसाची दत्ता का राजनीतिक सफर भी चर्चा में रहा है। वह वर्ष 2019 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए थे, लेकिन बाद में फिर तृणमूल कांग्रेस में लौट आए। वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने बारासात सीट से चुनाव लड़ा था, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
दत्ता की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब राज्य में कथित नगर निकाय भर्ती घोटाले को लेकर भी जांच एजेंसियां सक्रिय हैं। हाल ही में पूर्व विधायक और राज्य सरकार के मंत्री रहे सुजीत बोस को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था।
इधर, नंदीग्राम से जुड़े नेता अब्दुल अलीम अलराजी को भी कथित वसूली और धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। वहीं विधानसभा हस्ताक्षर मामले में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को सीआईडी के समक्ष पेश होने के लिए नोटिस जारी किया गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लगातार हो रही इन कार्रवाइयों का असर आने वाले समय में बंगाल की राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है।



