Khairagarh News: खैरागढ़ में फूड विभाग की बड़ी रेड, केमिकल से पकाए जा रहे 60 कैरेट केले जब्त; जूस सेंटर सील

Khairagarh Food Department Raid: खैरागढ़ जिले में भीषण गर्मी के इस मौसम में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले फल व्यापारियों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (Food and Drug Administration) की टीम ने तीन दिनों तक ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस विशेष जांच अभियान (special inspection drive) के दौरान भारी मात्रा में सड़े-गले फल नष्ट कराए गए, गंदगी मिलने पर जूस सेंटर बंद कराया गया और केमिकल से फल पकाने वाले एक बड़े ठिकाने पर छापा मारा गया।
गंडई में बिना रजिस्ट्रेशन केमिकल से पकाए जा रहे थे फल
इस अभियान की सबसे बड़ी कार्रवाई गंडई तहसील के वार्ड नंबर 7 स्थित ‘खंडेलवाल फल भंडार’ में हुई। यहां बिना किसी फूड लाइसेंस या खाद्य पंजीयन (food registration) के खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल करके फल पकाए जा रहे थे।
फूड सेफ्टी टीम (Food Safety Officers) ने मौके से ‘गोल्डन टच एथिलीन रिपनर’ और ‘टैगपान लिक्विड’ जैसे प्रतिबंधित केमिकल बरामद किए। अधिकारियों ने वहां से अस्वच्छ तरीके से रखे गए करीब 60 कैरेट केले जब्त (seized 60 crates of bananas) किए हैं, जिनकी बाजार में कीमत 50 से 60 हजार रुपये बताई जा रही है। जांच के लिए कच्चे आम और केलों के सैंपल लैब भेजे गए हैं।
छुईखदान में नष्ट कराए सड़े फल, गन्ना जूस सेंटर बंद
कलेक्टर चंद्रवाल के निर्देश पर निकली टीम ने छुईखदान के नया बस स्टैंड, इतवारी बाजार और पुराना बस स्टैंड इलाके में भी दबिश दी। जांच के दौरान दुकानों पर बिक रहे करीब 35 किलो सड़े-गले आम, तरबूज, पपीता और कई दर्जन केले मौके पर ही फिंकवाकर नष्ट (destroyed rotten fruits) कराए गए। वहीं, एक गन्ना जूस सेंटर में भारी गंदगी और खुले में दूषित बर्फ मिलने पर दुकान को तुरंत बंद (juice center closed) करा दिया गया।
सेहत से खिलवाड़ पर होगी जेल, कार्रवाई रहेगी जारी
विभाग के अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पांडे और खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीपक धृतलहरे की इस कार्रवाई से मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि कृत्रिम तरीके से फल पकाने (artificial fruit ripening) और खाद्य सुरक्षा मानकों (food safety standards) का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। आम जनता की सेहत सबसे ऊपर है और दोषियों के खिलाफ आगे भी ऐसी सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।



