बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार पर हाईकोर्ट में तीखी बहस: राज्य सरकार की सुस्त रफ़्तार पर याचिकाकर्ताओं ने उठाए गंभीर सवाल

बिलासपुर। एयरपोर्ट के हवाई सुविधा विस्तार को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ में हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए गए। याचिकाकर्ताओं ने सरकार पर काम की गति बेहद धीमी रखने और ओपन टेंडर के जरिए निजी एयरलाइंस कंपनियों को आमंत्रित न करने का गंभीर आरोप लगाया है।
वहीं राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि अब तक एयरपोर्ट के विकास पर लगभग 100 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं और वर्तमान में केवल सरकारी कंपनी एलायंस एयर को ही सब्सिडी दी जा रही है। सरकार ने अपनी दलील में कहा कि निजी कंपनियां व्यावसायिक स्तर पर उड़ान शुरू करने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन उन्हें अलग से कोई आमंत्रण या सब्सिडी देने का प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन नहीं है।
4C एयरपोर्ट की मांग पर अड़े याचिकाकर्ता
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने इन जनहित याचिकाओं को समाप्त करने की मांग की थी, जिसका वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने पुरजोर विरोध करते हुए कहा कि अभी केवल 3C एयरपोर्ट ही बना है जबकि मुख्य मांग 4C श्रेणी के एयरपोर्ट की है। याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि जब केंद्र सरकार अपनी योजनाओं में निजी एयरलाइंस को आमंत्रित कर सकती है तो राज्य सरकार को भी इससे पीछे नहीं हटना चाहिए।
हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की मांग को जायज मानते हुए सुनवाई को समाप्त करने से इनकार कर दिया और राज्य सरकार को कार्यों में ठोस प्रगति दिखाने के लिए जुलाई के अंतिम सप्ताह तक का समय दिया है। अगली सुनवाई में राज्य सरकार को प्रगति रिपोर्ट के साथ एक नया शपथ पत्र कोर्ट में पेश करना होगा।



