बाजारों और दफ्तरों में लगेंगे साइबर सुरक्षा कोड, डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन फ्रॉड रोकने को पुलिस ने कसी कमर

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि ‘परीक्षा पर चर्चा 2026’ कार्यक्रम में महासमुंद की बिटिया सृष्टि साहू द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल पूछना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन हर विद्यार्थी के लिए प्रेरणादायक है। प्रधानमंत्री निवास से सृष्टि को मिला यह आमंत्रण केवल उनकी सफलता का प्रतीक नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए सम्मान का विषय है और यह दिखाता है कि छत्तीसगढ़ की बेटियां आज राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा से एक नई पहचान बना रही हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ‘परीक्षा पे चर्चा’ के नौवें संस्करण में देशभर से आए बच्चों से मुलाकात की। दिल्ली स्थित पीएम आवास पर मोदी ने बच्चों को असम के गमछे पहनाए और फिर उनके सवालों का जवाब दिया। पहले एपिसोड में प्रधानमंत्री ने बच्चों से विदेशी चीजों की बजाय स्वदेशी चीजें अपनाने की सलाह दी और उन्हें 25 वर्षों में एक विकसित भारत बनाने का सपना देखने के लिए प्रेरित किया। प्रधानमंत्री ने कहा, “जब आजादी के 100 साल पूरे होंगे तब आप लोग 39-40 साल के होंगे, आपको अभी से विकसित भारत को अपना सपना बनाना चाहिए।”
प्रधानमंत्री का संदेश: आत्मविश्वास से डर को भगाओ
संगोष्ठी के दौरान एक छात्र ने पूछा कि वह प्रेजेंटेशन देते समय घबरा जाता है, उसे यह डर कैसे दूर करना चाहिए। प्रधानमंत्री ने इसका उत्तर देते हुए कहा, “कभी आपने देखा है कि फुटपाथ पर कोई गरीब महिला टीवी पर किसी घटना के बारे में आत्मविश्वास से बात करती है? क्या उसने कभी प्रैक्टिस की है? नहीं, वह खुद पर विश्वास करती है क्योंकि वह सच बोल रही है। आप भी अपने किए हुए पर भरोसा रखें, तो प्रेजेंटेशन का डर अपने आप भाग जाएगा।”
गेमिंग पर प्रधानमंत्री का सुझाव
गोवा के श्रीजीत गाडगिल ने प्रधानमंत्री से सवाल किया कि वह गेमिंग में बहुत रुचि रखते हैं, लेकिन उनके माता-पिता इसे नहीं समझते। प्रधानमंत्री ने उन्हें सलाह दी, “भारत देश कहानियों से भरा हुआ है। आप अपने खुद के गेम बनाएं। पंचतंत्र की कहानियों पर गेम बनाएं, अभिमन्यु की कहानी पर गेम बनाएं और अपनी वेबसाइट बनाकर उसपर गेम लॉन्च करें। धीरे-धीरे देखिए कि कितने लोग आपके बनाए गए गेम खेल रहे हैं।”



