CM Helpline 1076 का मुख्यमंत्री साय ने किया निरीक्षण, कॉलर से सीधे की बात, बोले- हर शिकायत का होगा समयबद्ध समाधान

रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली 1076 की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने हेल्पलाइन सेंटर पहुंचकर तकनीकी व्यवस्थाओं, शिकायतों के पंजीयन और उनके निराकरण की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नागरिकों की समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री के साथ कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने हेल्पलाइन संचालन व्यवस्था और शिकायत प्रबंधन प्रणाली का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने हेल्पलाइन पर कॉल करने वाले रायपुर निवासी पूनाराम ठाकरे से सीधे बातचीत की। मुख्यमंत्री ने उनका नाम, निवास और शिकायत की जानकारी ली। श्री ठाकरे ने बताया कि उन्होंने आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था, लेकिन समस्या का समाधान नहीं होने पर उन्होंने हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई है।
मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी समस्या का जल्द निराकरण किया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम जनता की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और तय समय सीमा के भीतर उनका समाधान सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का मूल उद्देश्य नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है। सरकार की प्राथमिकता है कि हर व्यक्ति की समस्या का पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी तरीके से समाधान हो। उन्होंने शिकायत निवारण प्रक्रिया में तकनीक के अधिकतम उपयोग और नियमित मॉनिटरिंग पर भी जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने हेल्पलाइन से जुड़े अन्य हितग्राहियों से भी बातचीत की। लोगों ने अपनी समस्याएं और सुझाव साझा किए। कई हितग्राहियों ने इस व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि इससे उनकी बात सीधे शासन तक पहुंच रही है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 राज्य के सभी विभागों को जोड़ने वाली एकीकृत शिकायत प्रबंधन प्रणाली है। इसमें 1,200 से अधिक शिकायत श्रेणियां और लगभग 8,000 अधिकारियों को जोड़ा गया है। ब्लॉक स्तर से लेकर राज्य स्तर तक शिकायतों की निगरानी और समाधान की व्यवस्था बनाई गई है।



