मध्यप्रदेश में ‘सुमन पंचायत’ योजना शुरू, उत्कृष्ट पंचायतों को मिलेंगे 1 लाख रुपये : डॉ. मुख्यमंत्री मोहन यादव

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में जनभागीदारी के कारण मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शुरू की गई ‘सुमन पंचायत’ (सुरक्षित मातृत्व आश्वासन पंचायत) योजना मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को मजबूत करने की दिशा में एक अभिनव पहल है। इस योजना के तहत उन पंचायतों को 1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति-पत्र दिया जाएगा, जहां एक वर्ष तक मातृ मृत्यु, पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु तथा खसरा और रूबेला के मामले दर्ज नहीं होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने ‘सुमन पंचायत’ योजना का शुभारंभ, स्टेट एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) एक्शन प्लान 2.0 का अनावरण और स्वास्थ्य पुस्तिकाओं का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़ी लघु फिल्मों का प्रदर्शन भी किया गया।
स्वास्थ्य क्षेत्र में मध्यप्रदेश की उपलब्धियों की सराहना
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य सेवाओं के नए मानदंड स्थापित हुए हैं। कोविड-19 जैसी चुनौती का सफलतापूर्वक सामना कर देश ने स्वास्थ्य प्रबंधन की मिसाल पेश की है। उन्होंने कहा कि चिकित्सक अपने समर्पण और सेवा भाव से रोगियों को नया जीवन देते हैं, इसलिए उन्हें ईश्वर का स्वरूप माना जाता है।
डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग के एकीकरण के बाद कई योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों तथा नागरिकों के सामूहिक प्रयासों की सराहना की।
राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने बैतूल जिले के कुकरू गांव में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ करते हुए बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई। कार्यक्रम में बताया गया कि 28 से 30 जून तक प्रदेश के लगभग 1.07 करोड़ बच्चों को पोलियो की अतिरिक्त खुराक दी जाएगी। इसके लिए 83 हजार पोलियो बूथ, 1.66 लाख वैक्सीनेटर्स और 26 हजार सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। वहीं, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर 3,800 ट्रांजिट बूथ तथा 1,400 मोबाइल टीमों को भी लगाया गया है।
एचपीवी टीकाकरण में मध्यप्रदेश अग्रणी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सर्वाइकल कैंसर से बेटियों की सुरक्षा के मामले में देश में अग्रणी बनकर उभरा है। प्रदेश में लगभग 8.03 लाख पात्र किशोरियों को लक्षित किया गया, जिनमें से 7.64 लाख से अधिक किशोरियों का टीकाकरण कर करीब 96 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया गया है।
इस अवसर पर एचपीवी टीकाकरण और स्वस्थ यकृत मिशन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों को सम्मानित भी किया गया। सर्वाइकल कैंसर रोकथाम में राजगढ़, डिंडौरी और मुरैना तथा स्वस्थ यकृत मिशन में बालाघाट, छिंदवाड़ा और शाजापुर को क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।
डेढ़ करोड़ लोगों की लिवर जांच
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में स्वस्थ यकृत मिशन के तहत एक वर्ष से कम समय में करीब 1.49 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। इस दौरान करीब ढाई हजार नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर रोगियों की पहचान की गई है। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने और रोगों की शीघ्र पहचान के लिए प्रदेश लगातार बेहतर कार्य कर रहा है।
एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस से निपटने की पहल
कार्यक्रम में स्टेट एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) एक्शन प्लान 2.0 की जानकारी देते हुए बताया गया कि एंटीबायोटिक दवाओं के अनुचित उपयोग से बढ़ती प्रतिरोधक क्षमता वैश्विक स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बन गई है। नई कार्ययोजना में जन-जागरूकता, संक्रमण नियंत्रण, प्रयोगशाला क्षमता सुदृढ़ीकरण, एंटीबायोटिक के विवेकपूर्ण उपयोग और ‘वन हेल्थ’ दृष्टिकोण पर आधारित बहु-विभागीय समन्वय को प्राथमिकता दी गई है।
कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अशोक बर्णवाल, स्वास्थ्य आयुक्त धनराजू, एनएचएम की प्रबंध संचालक सलोनी सिडाना सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक, स्वास्थ्य अधिकारी और स्वास्थ्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



