पेपर लीक से फिर मचा बवाल, छह लाख अभ्यर्थियों की परीक्षा टली

पुणे। देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। अब महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा से एक दिन पहले लीक होने का मामला सामने आया है। घटना के बाद रविवार को होने वाली परीक्षा स्थगित कर दी गई। इस परीक्षा में करीब छह लाख अभ्यर्थियों को शामिल होना था।

पुलिस ने इस मामले में बिहार और हरियाणा के रहने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से प्रश्नपत्र की कई प्रतियां बरामद हुई हैं। शुरुआती जांच के बाद शिक्षा विभाग ने पुष्टि की कि बरामद प्रश्नपत्र परीक्षा के असली प्रश्नपत्र हैं।
जानकारी के अनुसार, ठाणे जिले के भिवंडी में पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग शिक्षक पात्रता परीक्षा का प्रश्नपत्र बेचने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना के आधार पर छापेमारी की गई। इसके बाद तीन संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने विशेष जांच दल का गठन किया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नपत्र कहां से लीक हुआ और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। जांच के लिए अलग-अलग राज्यों में पुलिस की टीमें भी भेजी गई हैं।
इस घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और पूरी निष्पक्षता से जांच कराई जाएगी।
वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परीक्षा की नई तारीख जल्द घोषित किए जाने की संभावना है।



