सुकमा के हॉस्टलों में बड़ी कार्रवाई: कलेक्टर के औचक निरीक्षण में खुली पोल, लापरवाही पर भृत्य और अधीक्षक सस्पेंड

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले से प्रशासनिक सख्ती की एक बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के बेहतर कामकाज, जवाबदेही और अच्छी शिक्षा व्यवस्था के संकल्प को पूरा करने के लिए सुकमा जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। नए स्कूल सत्र की शुरुआत से ठीक पहले कलेक्टर के नेतृत्व में जिले के सरकारी हॉस्टलों और आश्रमों का अचानक निरीक्षण किया गया। इस दौरान वहां भारी लापरवाही और बदहाली देखने को मिली। इस पर तुरंत कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन ने दोषी कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की और भृत्य यानी चपरासी और हॉस्टल अधीक्षक को नौकरी से सस्पेंड यानी निलंबित कर दिया।
गंदगी और गायब मिले कर्मचारी, बैठक में मिली चेतावनी को भी अफसरों ने किया था नजरअंदाज
कलेक्टर और सहायक आयुक्त द्वारा किए गए इस औचक निरीक्षण के दौरान हॉस्टलों में कई गंभीर कमियां उजागर हुईं। सबसे ज्यादा खराब स्थिति साफ-सफाई की थी, चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ था। इसके साथ ही हॉस्टलों की देखरेख करने वाले कई जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी अपनी ड्यूटी से गायब मिले। इससे पहले हुई समीक्षा बैठक में भी प्रशासन ने इन सभी को व्यवस्थाएं सुधारने की सख्त चेतावनी दी थी। इसके बावजूद जब जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नहीं दिखा, तो कलेक्टर ने लापरवाही बरतने वालों पर सीधे गाज गिरा दी।
इन चार अधीक्षकों पर गिरी गाज, प्रभार छीनकर नए लोगों को दी गई कमान
निरीक्षण में मिली बड़ी गड़बड़ियों के बाद प्रशासन ने कई अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके पद से हटा दिया है। इस बड़ी कार्रवाई की जद में कन्या आश्रम दुब्बाटोटा की अधीक्षिका सुशीला कवासी, प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास दुब्बाटोटा के अधीक्षक पुनेम हिरमा, पोस्ट-मैट्रिक कन्या छात्रावास की अधीक्षिका सविता यादव और प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास के प्रभारी भोजराज ठाकुर आए हैं। इन सभी को हटाकर हॉस्टलों की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए जिला प्रशासन ने तुरंत दूसरे योग्य अधिकारियों को वहां की कमान सौंप दी है ताकि बच्चों की पढ़ाई और रहने में कोई दिक्कत न आए।
बच्चों की सुरक्षा और सुविधाओं से कोई समझौता नहीं, सुशासन के लिए जिला प्रशासन सख्त
सुकमा कलेक्टर ने इस पूरी कार्रवाई के बाद साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि हॉस्टलों और आश्रमों में रहने वाले मासूम बच्चों की पढ़ाई, सुरक्षा और उनके खान-पान की सुविधाओं के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य हर बच्चे को एक सुरक्षित और साफ-सुथरा माहौल देना है। जिला प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से पूरे सुकमा के सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि इससे आने वाले दिनों में हॉस्टलों के अनुशासन और व्यवस्थाओं में एक बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।



