नशा छोड़ने का लिया संकल्प, जेल में गूंजे जागरूकता के गीत

रायगढ़ जिला जेल में नशा मुक्त भारत अभियान का समापन, बंदियों को दिलाई गई नशामुक्त जीवन की शपथ।
रायपुर। नशा मुक्त भारत अभियान के तहत रायगढ़ जिले में जागरूकता कार्यक्रमों का समापन जिला जेल में विशेष आयोजन के साथ हुआ। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और छत्तीसगढ़ शासन के समाज कल्याण विभाग के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस कार्यक्रम में बंदियों को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवन अपनाने का संकल्प दिलाया गया।

जिला जेल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सभी बंदियों ने नशामुक्त जीवन जीने की शपथ ली। इस अवसर पर नशीले पदार्थों के दुष्प्रभाव, परिवार और समाज पर पड़ने वाले उनके असर तथा स्वस्थ जीवनशैली के महत्व की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों में नई सोच विकसित करना और उन्हें सकारात्मक जीवन की ओर प्रेरित करना था।
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भी नशामुक्ति का संदेश दिया गया। इन प्रस्तुतियों ने मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया और नशे से दूर रहने का प्रभावी संदेश पहुंचाया।
समाज कल्याण विभाग के उपसंचालक ने कहा कि नशा व्यक्ति की क्षमता को कमजोर करता है और परिवार व समाज दोनों को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। जनसहभागिता के बिना नशामुक्त समाज का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता।
उन्होंने बताया कि नशा मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना, जरूरतमंद लोगों को उपचार और पुनर्वास सेवाओं से जोड़ना तथा समाज में सकारात्मक माहौल तैयार करना है। विभाग ने लोगों से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार, मित्रों व आसपास के लोगों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करें।
कार्यक्रम में जिला जेल अधीक्षक जी.एस. सोनी, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, नशा मुक्ति केंद्र के प्रबंधक सुमंत आचार्य, रंजना यादव, डे-केयर सेंटर सियान गुड़ी के संगीत प्रशिक्षक कुबेर चरण चौहान सहित जेल प्रशासन के अधिकारी और बड़ी संख्या में बंदियों ने भाग लिया।



