कुकरू की रात्रि चौपाल में ग्रामीणों से रूबरू हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, सुनीं समस्याएं

बैतूल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार रात बैतूल जिले के प्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकरू में रात्रि चौपाल लगाकर ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और आश्वस्त किया कि यदि किसी भी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी द्वारा उन्हें परेशान किया जाता है, तो वे बिना संकोच अपनी शिकायत सीधे उनके सामने रख सकते हैं।
रात्रि चौपाल में मुख्यमंत्री की सहजता और आत्मीय व्यवहार से प्रभावित होकर ग्रामीणों ने स्थानीय कोरकू भाषा में पारंपरिक गीत प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री ने भी “गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो” भजन गाकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। इस अवसर पर गंदलो सुसुम कोरकू दल और होलेरा नृत्य दल ने पारंपरिक जनजातीय नृत्य प्रस्तुत कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। वहीं, श्रीमती शिपा शनवारे ने मुख्यमंत्री को राखी बांधकर अपना स्नेह व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के साथ बैठकर बातचीत की और बच्चों को स्नेहपूर्वक दुलार भी किया। उन्होंने समाज से विवाह समारोहों में अनावश्यक खर्च कम करने, सामूहिक विवाह को बढ़ावा देने और मृत्यु भोज जैसी कुप्रथाओं को हतोत्साहित करने की अपील की।
कृषक कल्याण वर्ष और पशुपालन को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए खेती के साथ पशुपालन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को 25 गाय या 25 भैंसों के लिए 40 लाख रुपये तक की ऋण सहायता दी जाएगी, जिसमें 10 लाख रुपये सरकार वहन करेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि कोदो-कुटकी की खरीदी समर्थन मूल्य पर जारी रहेगी तथा ग्राम कुकरू में पशुपालकों के लिए उन्नत नस्ल के पशु और पशुशेड निर्माण की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
महिलाओं के प्रयासों की सराहना
ग्रामीण महिलाओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि आजीविका मिशन के माध्यम से गांव में कृषि सखी, जेंडर सखी, बकरी पालन, भैंस पालन और मुर्गी पालन जैसी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। कई महिलाएं सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों से जुड़कर ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए प्रशासन को निर्देश दिए कि किसान सम्मान निधि से वंचित किसानों की ई-केवाईसी जल्द पूरी कराई जाए, ताकि कोई भी पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 79 लाख से अधिक किसान किसान सम्मान निधि का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
विकास कार्यों की घोषणा
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की मांग पर कई विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए तालाब निर्माण, बालिका छात्रावास की स्वीकृति, जामूखेड़ी मार्ग और बुंदियाखुर्द पुलिया निर्माण के निर्देश दिए।
इसके अलावा, स्वयं सहायता समूहों को सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों से जोड़कर रोजगार के अवसर बढ़ाने, आजीविका भवन और कोदो-कुटकी प्रसंस्करण यूनिट की स्थापना के लिए ऋण सहायता उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने ग्रामीणों से जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री एवं सांसद दुर्गादास उइके, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल, भैंसदेही विधायक महेंद्र सिंह चौहान, सहित प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।



