लोरमी सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों और स्टाफ से बदसलूकी: सरकारी काम में बाधा डालने पर तीन सगे भाइयों समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज, निजी एम्बुलेंस चालक पर लगा मरीजों को भड़काने का आरोप

मुंगेली
छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के लोरमी से एक बेहद हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। लोरमी स्थित पचास बिस्तरों वाले सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के साथ गाली-गलौज, अभद्र व्यवहार करने और सरकारी काम में रुकावट डालने का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है। अस्पताल के खंड चिकित्सा अधिकारी यानी बीएमओ (BMO) डॉ. गजेंद्र सिंह दाऊ की लिखित शिकायत के बाद लोरमी थाना पुलिस तुरंत एक्शन में आ गई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सगे भाइयों समेत उनके अन्य साथियों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राइवेट एम्बुलेंस ड्राइवर पर मरीजों को निजी अस्पताल भेजने का आरोप, कमीशनखोरी का खेल
पुलिस में दर्ज कराई गई एफआईआर (FIR) के अनुसार, अजय टंडन, दुर्गेश टंडन और आकाश टंडन नाम के तीन सगे भाइयों पर अस्पताल के भीतर जबरन घुसने और काम में बाधा पहुंचाने का गंभीर आरोप है। शिकायत में बताया गया है कि मुख्य आरोपी अजय टंडन खुद को एक निजी एम्बुलेंस का ड्राइवर बताता है। वह काफी समय से सरकारी अस्पताल में आने वाले गरीब मरीजों और उनके तीमारदारों को बहला-फुसलाकर या डरा-धमकाकर प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराने के लिए मजबूर करता था। आरोप है कि मरीजों को सरकारी अस्पताल से डिस्चार्ज (Discharge) यानी छुट्टी कराकर निजी क्लीनिकों में शिफ्ट करने के बदले उसे मोटा कमीशन मिलता था।
सुरक्षाकर्मी के रोकने पर भड़का आरोपी, डॉक्टरों को दी धमकी और अस्पताल में मचाया बवाल
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब अजय टंडन अपनी निजी एम्बुलेंस लेकर अस्पताल परिसर के प्रतिबंधित क्षेत्र में घुस गया। वहां तैनात सुरक्षाकर्मी रामनिवास राजपूत ने जब उसे नियमों का हवाला देते हुए गाड़ी अंदर लाने से रोका, तो आरोपी बुरी तरह भड़क गया। वह सुरक्षाकर्मी और वहां मौजूद डॉक्टरों के सामने ही अभद्र भाषा और गंदी गालियों का इस्तेमाल करने लगा। शिकायत के मुताबिक, जब अस्पताल के कर्मचारियों ने इस पूरे हंगामे का अपने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू किया, तो आरोपियों ने उन्हें जान से मारने और गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी, जिससे पूरे अस्पताल परिसर में डर और तनाव का माहौल बन गया।
लेडीज स्टाफ के कमरों में जबरन घुसने का भी आरोप, पुलिस कर रही है आरोपियों की तलाश
अस्पताल के बीएमओ डॉ. गजेंद्र सिंह दाऊ ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में कई और चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि ये आरोपी पहले भी कई बार अस्पताल में संदिग्ध गतिविधियों में शामिल रहे हैं। इन पर रात के समय अस्पताल परिसर में रहने वाली महिला स्टाफ नर्सों के आवासीय कमरों में बिना इजाजत जबरन घुसने और सरकारी दस्तावेजों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने का भी आरोप है। इस घटना के बाद से अस्पताल के सभी डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों में भारी नाराजगी है। मेडिकल स्टाफ ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग की है। वहीं लोरमी पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों को पकड़ने के लिए टीमें रवाना कर दी गई हैं।


