इंदौर में नीट छात्रा अवंतिका की तीसरी मंजिल से गिरकर मौत: परीक्षा रद्द होने से थी गहरे तनाव में, पुलिस खंगाल रही मोबाइल और सीसीटीवी फुटेज

इंदौर
मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से एक बहुत ही दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। भंवरकुआं थाना इलाके में नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट यानी नीट परीक्षा की तैयारी कर रही एक 22 साल की छात्रा की तीसरी मंजिल से नीचे गिरने के कारण मौत हो गई। गंभीर हालत में उसे पहले पास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे एमवाय हॉस्पिटल रेफर कर दिया। शुक्रवार की सुबह इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मृतका की पहचान अवंतिका मौर्य के रूप में हुई है, जो मूल रूप से धार जिले की रहने वाली थी। इस पूरी घटना का एक सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसने इलाके के लोगों को स्तब्ध कर दिया है।
फोन पर बात करते हुए छत की तरफ गई, फिर नीचे गिरने की आई आवाज
पुलिस से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, अवंतिका भंवरकुआं की धाकड़ कॉलोनी में एक बिल्डिंग की पहली मंजिल पर अपनी बड़ी बहन डॉ. सपना मौर्य के साथ रह रही थी। गुरुवार की रात करीब साढे ग्यारह बजे वह अपने मोबाइल फोन पर चचेरी बहन से बात कर रही थी। फोन पर बात करते-करते वह सीढ़ियों से ऊपर तीसरी मंजिल की छत पर चली गई और वहां से अचानक नीचे आ गिरी। भारी आवाज सुनकर बिल्डिंग में रहने वाले लोग और नीचे गेट पर खड़ा सुरक्षाकर्मी तुरंत बाहर भागे। अवंतिका को जमीन पर पड़ा देख गेट पर मौजूद एक युवक दौड़कर उसके पास पहुंचा और आनन-फानन में एम्बुलेंस और पुलिस को घटना की सूचना दी गई।
तीन बार नीट में असफलता और पेपर रद्द होने से टूट गया था हौसला
अवंतिका की बड़ी बहन डॉ. सपना ने पुलिस को बताया कि वह पिछले तीन साल से लगातार नीट की तैयारी में जुटी थी, लेकिन तीन बार कोशिश करने के बाद भी परीक्षा क्लियर नहीं हो पाई थी। इस साल उसका पेपर काफी अच्छा गया था और उसे डॉक्टर बनने का पूरा भरोसा था। लेकिन हाल ही में नीट परीक्षा को लेकर हुए विवाद और पेपर रद्द होने की खबरों के बाद से वह गहरे डिप्रेशन यानी मानसिक तनाव में चली गई थी। गुरुवार को वह पूरे दिन काफी शांत थी और घर में चुपचाप बैठी थी। हालांकि उसकी चचेरी बहन हर्षा ने बताया कि अवंतिका हमेशा डॉक्टर बनने की बात कहती थी।
पहले भी की थी खुदकुशी की कोशिश, पिता भी थे इंदौर में मौजूद
अवंतिका के पिता डॉ. बंशीलाल मौर्य खरगोन में मेडिकल अफसर हैं और पांच दिन पहले ही एक ट्रेनिंग के सिलसिले में इंदौर आए थे। उन्होंने पुलिस को बताया कि घटना के वक्त वे फ्लैट के अंदर ही थे और उन्हें नहीं पता कि बेटी किन परिस्थितियों में नीचे गिर गई। वहीं मृतका के चचेरे भाई धन सिंह ने पुलिस के सामने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि अवंतिका ने इसी साल जनवरी के महीने में भी फिनाइल पीकर सुसाइड यानी आत्महत्या करने की कोशिश की थी। लगातार असफल होने के कारण परिवार ने उसे आगे तैयारी करने से मना कर दिया था और खरगोन के ही एक फार्मेसी कॉलेज में उसका दाखिला करा दिया था।
कॉल रिकॉर्ड और घटनास्थल की जांच में जुटी भंवरकुआं थाना पुलिस
भंवरकुआं थाना प्रभारी संतोष दूधी ने बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएफएल यानी राज्य फॉरेंसिक प्रयोगशाला की टीम को मौके पर बुलाया गया है, जो वैज्ञानिक तरीकों से वारदात वाली जगह से फिंगरप्रिंट और अन्य जरूरी साक्ष्य जुटा रही है। पुलिस अब अवंतिका के मोबाइल की कॉल डिटेल और परिस्थितियों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह पूरी तरह साफ हो सके कि यह कोई हादसा था या छात्रा ने मानसिक तनाव में आकर खुद ऊपर से छलांग लगाई है।


