NEET-UG Re-Test 2026: पेपर सुरक्षा के लिए वायुसेना की एंट्री, 18 जोन में पहुंचाए जा रहे प्रश्नपत्र

नई दिल्ली। NEET-UG 2026 री-टेस्ट को लेकर केंद्र सरकार इस बार कोई चूक नहीं चाहती। परीक्षा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारतीय वायुसेना को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। देशभर में निर्धारित 18 जोन तक प्रश्नपत्र पहुंचाने का काम पिछले कई दिनों से जारी है। अधिकारियों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया को बेहद गोपनीय और सुरक्षित रखा गया है।
जानकारी के मुताबिक, इस विशेष अभियान की शुरुआत 13 जून से की गई थी। 21 जून को होने वाली मेडिकल प्रवेश परीक्षा से पहले प्रश्नपत्रों को तय स्थानों तक पहुंचाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए वायुसेना के हेलीकॉप्टर और मालवाहक विमान लगातार उड़ान भर रहे हैं।
200 से ज्यादा उड़ानें पूरी
सूत्रों के अनुसार, अब तक भारतीय वायुसेना 200 से अधिक उड़ानें पूरी कर चुकी है। प्रश्नपत्रों को पहले मुख्य वितरण केंद्रों तक पहुंचाया गया। इसके बाद उन्हें कड़ी निगरानी में अलग-अलग परीक्षा केंद्रों तक भेजा जा रहा है। पूरी प्रक्रिया पर कई स्तरों पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना न रहे।
सुरक्षा व्यवस्था बनी सबसे बड़ी प्राथमिकता
इस बार परीक्षा की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि प्रश्नपत्रों की आवाजाही से लेकर वितरण तक हर चरण को विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत पूरा किया जा रहा है। उद्देश्य यह है कि परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित हो सके।
पिछले विवाद के बाद बढ़ी सतर्कता
गौरतलब है कि इससे पहले आयोजित NEET-UG परीक्षा को लेकर पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। देशभर में इस मुद्दे को लेकर काफी विवाद हुआ था। लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता को देखते हुए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत किया गया है।
21 जून को होने वाले री-टेस्ट में लाखों छात्र शामिल होंगे। सरकार और परीक्षा एजेंसियों का दावा है कि इस बार परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराई जाएगी, ताकि छात्रों का भरोसा कायम रहे और उनके भविष्य पर किसी तरह का असर न पड़े।



