उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका! शिवसेना (यूबीटी) के 6 सांसदों की बगावत से महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल

मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है। शिवसेना (यूबीटी) के भीतर बगावत की खबरों ने जोर पकड़ लिया है। पार्टी के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसदों के अलग होने की अटकलों के बीच उद्धव ठाकरे खेमे को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली में बुलाई गई आपातकालीन बैठक में अधिकांश सांसदों की गैरमौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
पार्टी नेतृत्व ने संभावित विद्रोह को रोकने के लिए सांसदों की बैठक बुलाई थी। इसके लिए तीन लाइन का व्हिप भी जारी किया गया था। बावजूद इसके बैठक में केवल तीन सांसद ही शामिल हुए। इनमें अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे मौजूद रहे। वहीं छह सांसद बैठक से दूर रहे।
बैठक से दूरी बनाने वाले सांसदों पर नजर
बैठक में शामिल नहीं होने वाले सांसदों में नागेश आष्टिकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजेनिंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे का नाम सामने आया है। इन सांसदों को लेकर चर्चा है कि वे एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के संपर्क में हैं।
सूत्रों के मुताबिक, इन सांसदों ने अलग समूह बनाने और शिंदे गुट में विलय की मांग से जुड़ा पत्र लोकसभा अध्यक्ष को सौंपा है। हालांकि इस संबंध में अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
संजय राउत का बड़ा आरोप
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने पूरे घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी सांसदों को तोड़ने की कोशिश की जा रही है। राउत ने कहा कि फिलहाल उनके पास सांसदों के पार्टी छोड़ने की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है, लेकिन पार्टी हालात पर नजर बनाए हुए है।
दलबदल कानून बना अहम मुद्दा
लोकसभा में शिवसेना (यूबीटी) के कुल 9 सांसद हैं। दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता से बचने के लिए कम से कम दो-तिहाई सांसदों का समर्थन जरूरी होता है। ऐसे में 6 सांसदों का एक साथ अलग होना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम ने महाराष्ट्र की राजनीति को फिर गर्मा दिया है। अब सभी की नजर लोकसभा अध्यक्ष के अगले कदम और बागी सांसदों की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई है।



