
रायपुर। राजधानी रायपुर के कादर चौक स्थित सरकारी शराब दुकान में सामने आए कथित गबन और अनियमितताओं की गुत्थी अभी सुलझी भी नहीं थी कि इन्नोसोर्स प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारी हेमंत वैष्णव से जुड़ा एक और विवाद सामने आ गया है। इस बार मामला वर्ष 2025 में सूरजपुर जिले के रामानुजगंज शराब दुकान से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।
Nation Update की टीम को एक वीडियो प्राप्त हुआ है, जिसमें रामानुजगंज शराब दुकान के तत्कालीन कर्मचारी हेमंत वैष्णव पर गंभीर आरोप लगाते नजर आ रहे हैं। वीडियो में कर्मचारियों का दावा है कि हेमंत वैष्णव उनसे जबरन शराब की बोतलें लेता था और बाद में दुकानों में शराब की बोतलों को मैनेज करने के लिए बोतलों में पानी मिलाने का दबाव बनाता था।
कर्मचारियों के अनुसार, कथित मिलावट के इस मामले के सामने आने के बाद आबकारी विभाग ने कार्रवाई करते हुए संबंधित कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया था। हालांकि, वीडियो में लगाए गए आरोपों के केंद्र में रहे हेमंत वैष्णव की भूमिका को लेकर कई सवाल आज भी अनुत्तरित हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि हेमंत वैष्णव पर पहले से इस तरह के गंभीर आरोप लग चुके थे, तो फिर इन्नोसोर्स प्राइवेट लिमिटेड ने उसे नौकरी में कैसे रखा? क्या कंपनी ने नियुक्ति या पदस्थापना से पहले उनके खिलाफ लगे आरोपों की जांच की थी? यदि जांच की गई थी तो उसका परिणाम क्या रहा?
बता दें कि रायपुर के कादर चौक शराब दुकान में हाल ही में सुपरवाइजर 3 लाख से ज्यादा की रकम लेकर फरार हो गया है और अपने पीछे एक सुसाइड नोट छोड़ गया है। इस सुसाइड नोट में भी हेमंत वैष्णव पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

सामने आए विवादों के बीच यह नया वीडियो और उसमें लगाए गए आरोप शराब दुकानों के संचालन, निगरानी व्यवस्था और ठेका कंपनियों की जवाबदेही पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग और कंपनी इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और मामले की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।



