सड़क हादसों ने बढ़ाई चिंता, 2024 में 1.77 लाख से ज्यादा लोगों की गई जान

नई दिल्ली। देश में सड़क दुर्घटनाओं का आंकड़ा लगातार चिंता बढ़ा रहा है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 में भारत में 4.87 लाख से अधिक सड़क हादसे दर्ज किए गए। इन दुर्घटनाओं में 1.77 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई, जबकि 4.71 लाख से अधिक लोग घायल हुए।
मंत्रालय की रिपोर्ट ‘Road Accidents in India 2024’ के अनुसार, पिछले साल देशभर में कुल 4,87,707 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। यह आंकड़ा वर्ष 2023 की तुलना में 1.48 प्रतिशत अधिक है। रिपोर्ट बताती है कि देश में औसतन हर घंटे 56 सड़क हादसे हुए और 20 लोगों ने अपनी जान गंवाई।
तमिलनाडु में सबसे ज्यादा सड़क हादसे
राज्यों की बात करें तो तमिलनाडु सड़क दुर्घटनाओं के मामले में सबसे ऊपर रहा। यहां वर्ष 2024 में 67,526 सड़क हादसे दर्ज किए गए। वहीं उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं से सबसे अधिक 24,118 लोगों की मौत हुई।
रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल हाईवे पर 1,50,958 दुर्घटनाएं हुईं, जो कुल हादसों का 31 प्रतिशत हैं। स्टेट हाईवे पर 1,03,538 और अन्य सड़कों पर 2,33,211 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। मौतों के मामले में भी नेशनल हाईवे सबसे ज्यादा प्रभावित रहे, जहां 64,772 लोगों की जान गई।
दोपहिया वाहन सवार सबसे ज्यादा शिकार
रिपोर्ट में सबसे चिंताजनक तथ्य दोपहिया वाहन चालकों को लेकर सामने आया है। सड़क हादसों में जान गंवाने वालों में 46.2 प्रतिशत हिस्सेदारी बाइक और स्कूटी सवारों की रही। यानी हर दो मौतों में लगभग एक व्यक्ति दोपहिया वाहन चालक या सवार था।
इसके बाद पैदल चलने वाले लोगों की हिस्सेदारी 20.6 प्रतिशत रही। वहीं कार, टैक्सी, वैन और अन्य हल्के मोटर वाहनों से जुड़े लोगों की हिस्सेदारी 12.4 प्रतिशत दर्ज की गई।
सड़क सुरक्षा पर बढ़ा फोकस
विशेषज्ञों का मानना है कि तेज रफ्तार, यातायात नियमों की अनदेखी, हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करना दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण हैं। बढ़ते हादसों के बीच सड़क सुरक्षा, जागरूकता अभियान और ट्रैफिक नियमों के सख्त पालन की जरूरत पहले से ज्यादा महसूस की जा रही है।



