Governor Ramen Deka Meeting: छत्तीसगढ़ के नए आईएएस अफसरों से मिले राज्यपाल रमेन डेका, दी सीख- कमजोर वर्ग को प्राथमिकता दें और मानवीय संवेदनाओं के साथ करें काम

रायपुर (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका से आज राजभवन में भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी आईएएस के नए अफसरों ने मुलाकात की है। छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के महानिदेशक सुब्रत साहू के नेतृत्व में पहुंचे इन परिवीक्षाधीन (Probationer IAS Officers) आईएएस अधिकारियों ने राज्यपाल से यह सौजन्य भेंट की। मुलाकात के दौरान राज्यपाल ने सभी युवा अफसरों का हौसला बढ़ाया और उन्हें फील्ड में जाकर देश व समाज की सेवा करने के लिए कई महत्वपूर्ण गुरुमंत्र दिए।
आम आदमी को न्याय दिलाना पहली प्राथमिकता हो
मुलाकात के दौरान राज्यपाल रमेन डेका (Governor Ramen Deka Chhattisgarh) ने सभी नए प्रशासनिक अधिकारियों को उनके उज्जवल भविष्य की ढेर सारी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने युवा आईएएस अफसरों से कहा कि वे अपना कर्तव्य पूरी ईमानदारी से निभाएं और समाज के सबसे कमजोर वर्ग के कल्याण को हमेशा अपनी प्राथमिकता में रखें। राज्यपाल ने जोर देकर कहा कि प्रशासन का मुख्य काम आम आदमी की समस्याओं को दूर करना है, इसलिए अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए।

अधीनस्थ कर्मचारियों के प्रति भी रहें संवेदनशील
राज्यपाल ने नए अफसरों से संवाद करते हुए कहा कि फील्ड में काम करते समय मानवीय संवेदनाओं को कभी न भूलें। जनता की बात को ध्यान से सुनें और समस्याओं का तुरंत समाधान करें। इसके साथ ही उन्होंने यह नसीहत भी दी कि एक अच्छे लीडर की तरह वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों और सहकर्मियों के प्रति भी हमेशा संवेदनशील रहें। जब पूरा विभाग एक टीम की तरह काम करेगा, तभी शासन की योजनाओं का लाभ जनता तक सही तरीके से पहुंच पाएगा।
प्रशासनिक अकादमी के बड़े अफसर भी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण सौजन्य मुलाकात के दौरान राजभवन में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना और छत्तीसगढ़ प्रशासनिक अकादमी के संचालक टी. सी. महावर मुख्य रूप से मौजूद रहे। इसके साथ ही प्रशिक्षण निदेशक प्रणव सिंह और ट्रेनिंग ले रहे युवा आईएएस अधिकारी (CG Civil Services Updates) श्री गोकुल आर. के., श्री वदथ्यवथ यशवंत नाइक और श्री इशांत जायसवाल भी उपस्थित थे। छत्तीसगढ़ कैडर के इन नए आईएएस अफसरों ने राज्यपाल के अनुभवों और उनके दिए गए दिशा-निर्देशों को बेहद ध्यान से सुना और भविष्य में उन पर अमल करने का भरोसा दिलाया।



