TCS का बड़ा ऐलान: नहीं होगी छंटनी, लेकिन AI बदलेगा भर्ती का तरीका; 3 साल में कर्मचारियों जितने होंगे AI एजेंट्स

मुंबई। देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बड़ा बयान दिया है। कंपनी के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने साफ कहा है कि AI आईटी सेक्टर के लिए खतरा नहीं, बल्कि एक बड़ा अवसर है। उन्होंने कर्मचारियों की छंटनी की आशंकाओं को भी खारिज करते हुए कहा कि टीसीएस में किसी तरह की Layoff की योजना नहीं है।

टीसीएस की 31वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) के दौरान चंद्रशेखरन ने कहा कि आने वाले समय में कंपनी की भर्ती प्रक्रिया में बदलाव जरूर देखने को मिलेगा। बड़े पैमाने पर होने वाली नई भर्तियों की रफ्तार कुछ कम हो सकती है, लेकिन इसका मतलब रोजगार में कटौती नहीं है। उन्होंने कहा कि भविष्य में AI Agents और Human Employees मिलकर काम करेंगे, जिससे कार्यक्षमता और उत्पादकता दोनों बढ़ेंगी।
कंपनी के मुताबिक AI से जुड़ा कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में टीसीएस की AI Deal Pipeline 2.5 अरब डॉलर तक पहुंच गई है। कंपनी को उम्मीद है कि AI से होने वाली आय हर साल दोगुनी गति से बढ़ेगी और वर्ष 2028 से 2030 के बीच कुल राजस्व में इसकी बड़ी हिस्सेदारी होगी।
एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि अगले तीन वर्षों में टीसीएस के पास लगभग उतने ही AI Agents होंगे, जितने मानव कर्मचारी होंगे। उन्होंने इसे कंपनी के इतिहास का सबसे बड़ा तकनीकी बदलाव बताया। इसके लिए टीसीएस AI Talent Development, Industry-Specific AI Solutions, Data Centers और Sovereign Cloud जैसी तकनीकों में बड़े निवेश कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि बाजार अभी AI और IT Services के संबंध को पूरी तरह नहीं समझ पाया है। AI केवल कोडिंग का काम आसान नहीं बनाता, बल्कि कंपनियों की तकनीकी क्षमता को कई गुना बढ़ा देता है। इससे नए अवसर और नए बिजनेस मॉडल विकसित होंगे।
टीसीएस का यह बयान ऐसे समय आया है जब दुनिया भर में AI के कारण नौकरियों पर असर को लेकर बहस चल रही है। कंपनी का मानना है कि सही रणनीति के साथ AI रोजगार और विकास दोनों के लिए फायदेमंद साबित होगा।



