दिल्ली हाई कोर्ट में CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग व्यवस्था पर सुनवाई, बोर्ड से मांगा जवाब

नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की नई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर विवाद अब दिल्ली हाई कोर्ट तक पहुंच गया है। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) की ओर से दायर याचिका पर सोमवार को सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने CBSE को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा और न्यायमूर्ति मधु जैन की खंडपीठ ने की। याचिका में ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और तकनीकी खामियों का आरोप लगाया गया है। याचिकाकर्ता का दावा है कि नई मूल्यांकन प्रणाली से छात्रों के परिणाम प्रभावित हो सकते हैं और इसकी निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सुनवाई के दौरान CBSE ने याचिका का विरोध किया। बोर्ड की ओर से पेश अधिवक्ता एम.ए. नियाजी ने अदालत को बताया कि यह याचिका राजनीतिक उद्देश्य से दायर की गई है। उन्होंने कहा कि NSUI एक राजनीतिक दल से जुड़ा छात्र संगठन है और शिक्षा व्यवस्था का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए।
CBSE ने अदालत में यह भी कहा कि बोर्ड लगातार छात्रों के संपर्क में है और परिणामों से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) पोर्टल की समय-सीमा कई बार बढ़ाई जा चुकी है। बोर्ड का कहना है कि छात्रों को पर्याप्त अवसर दिए जा रहे हैं।
वहीं, याचिकाकर्ता पक्ष ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि नई व्यवस्था में कई तकनीकी और प्रशासनिक कमियां सामने आई हैं, जिनकी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।
दिल्ली हाई कोर्ट ने फिलहाल CBSE से विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई में बोर्ड अपना पक्ष अदालत के सामने रखेगा। शिक्षा जगत और लाखों छात्रों की नजर अब इस मामले पर टिकी हुई है, क्योंकि इसका असर भविष्य में CBSE की मूल्यांकन प्रक्रिया पर पड़ सकता है।



