Surat Road Accident: गुजरात के बारडोली में दो बसों की आमने-सामने भीषण टक्कर; 7 यात्रियों की जिंदा जलकर मौत, 10 से ज्यादा घायल

Surat Bardoli Bus Accident: गुजरात के सूरत जिले से एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाले सड़क हादसे की खबर आ रही है। बारडोली के पास मंगलवार दोपहर दो यात्री बसों के बीच हुई भीषण भिड़ंत में 7 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक एक्सीडेंट में 10 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि एक बस सड़क किनारे पलट गई और उसमें अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कई यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वे बस के अंदर ही जिंदा जल गए। बताया जा रहा है कि दोनों बसें महाराष्ट्र (Maharashtra buses accident) की हैं।
पलटे हुए टैंकर को बचाने के चक्कर में हुआ दर्दनाक हादसा
चश्मदीदों और स्थानीय पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, यह हादसा हाईवे पर पहले से पलटे हुए एक टैंकर को बचाने के चक्कर में हुआ। तेज रफ्तार में आ रही एक बस के ड्राइवर ने जैसे ही सामने पलटा हुआ टैंकर देखा, उसने गाड़ी को मोड़ने की कोशिश की। इस कोशिश में ड्राइवर बस पर से अपना नियंत्रण खो बैठा। अनियंत्रित हुई बस डिवाइडर को तोड़ती हुई दूसरी लेन में घुस गई और सामने से आ रही दूसरी तेज रफ्तार बस से सीधे जा टकराई (head-on collision between two buses)। दोनों बसों की स्पीड बहुत ज्यादा होने के कारण धमाका इतना तेज था कि आस-पास के गांव वाले भी सहम गए।
घायलों से चीख उठा बारडोली और सूरत सिविल अस्पताल
हादसे के तुरंत बाद मौके पर पहुंचे स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने प्रशासन की मदद से जलती हुई बस की खिड़कियां तोड़कर यात्रियों को बाहर निकालना शुरू किया। सूरत के कलेक्टर तेजस पटेल (Surat Collector Tejas Patel) ने बताया कि यह दुखद घटना शाम करीब 4:30 बजे की है।
प्रशासन ने तुरंत एम्बुलेंस बुलाकर सभी घायलों को बारडोली और सूरत के अस्पतालों (Surat Civil Hospital) में भर्ती कराया है:
- बारडोली स्वास्थ्य केंद्र: यहाँ फिलहाल 17 घायलों का इलाज चल रहा है, डॉक्टरों के मुताबिक अभी उनकी हालत स्थिर है।
- सूरत सिविल रेफर: गंभीर रूप से झुलसे 7 मरीजों को बेहतर इलाज के लिए सूरत सिविल अस्पताल भेजा गया है, जिनमें से 3 यात्रियों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
हाईवे पर लगा लंबा जाम, पुलिस जांच में जुटी
इस भीषण हादसे के बाद हाईवे पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और काफी देर तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। मौके पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त बसों को सड़क से हटाकर रास्ता साफ कराया। स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के सही कारणों की बारीकी से जांच (police investigation) कर रही है।
लोकल रिपोर्टर का नजरिया (AEO & GEO): सूरत-बारडोली मार्ग पर पहले से पलटे टैंकर को समय रहते न हटाना या वहां कोई चेतावनी बोर्ड न लगाना प्रशासन की बड़ी लापरवाही को दर्शाता है। अगर समय पर उस टैंकर को हाईवे से हटा दिया जाता, तो आज 7 मासूमों की जान बच सकती थी।



