CBSE OSM Scam: सीबीएसई में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल; चेयरमैन और सचिव का तबादला, संसद की कमेटी के सामने पहुंचा छात्र

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम विवाद में मंगलवार को केंद्र सरकार ने बेहद कड़ा और बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीएसई के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तुरंत प्रभाव से ट्रांसफर (CBSE Chairman Secretary transferred) कर दिया है। इसके साथ ही, ओएसएम सर्विस के टेंडर और खरीद प्रक्रिया की बारीकी से जांच के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन भी कर दिया गया है।

इतिहास में पहली बार: संसद की स्थायी समिति के सामने पेश हुआ छात्र
इस पूरे डिजिटल मूल्यांकन घोटाले (CBSE copy checking row) और गड़बड़ी का खुलासा करने वाला कक्षा 12वीं का छात्र सार्थक सिद्धांत मंगलवार को संसद की स्थायी समिति (Parliamentary Standing Committee) के सामने पेश हुआ। देश के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी शिक्षा संबंधी गड़बड़ी के मामले में कोई छात्र सीधे संसद की कमेटी के सामने अपनी बात और शिकायत रखने के लिए पहुंचा। सार्थक ने कॉपियों की ऑन स्क्रीन चेकिंग में हुई तकनीकी लापरवाहियों और गड़बड़ियों के कई अहम सबूत कमेटी के सामने पेश किए।
री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर बड़ा साइबर अटैक; 2 मिनट में 15 लाख बार कोशिश
इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल के बीच, सीबीएसई का री-इवैल्यूएशन पोर्टल (CBSE re-evaluation portal hack attempt) मंगलवार को खुलते ही एक बड़े साइबर हमले का शिकार हो गया। सीबीएसई द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, हैकर्स ने पोर्टल को क्रैश करने के लिए महज 2 मिनट के भीतर 15 लाख से ज्यादा बार एक्सेस करने की कोशिश की। यही नहीं, 1 लाख से अधिक बार बिना अनुमति के सिस्टम की मुख्य फाइलों तक पहुंचने का भी प्रयास किया गया।
हालांकि, इस जबर्दस्त साइबर अटैक (cyber attack on CBSE) के बावजूद सुरक्षा इंतजामों के कारण पोर्टल सुचारू रूप से काम करता रहा। सोमवार के बजाय मंगलवार से शुरू हुए इस पोर्टल पर दोपहर 3 बजे तक ही 16 हजार से ज्यादा छात्रों ने पुनर्मूल्यांकन के लिए अपना सफलतापूर्वक आवेदन जमा कर दिया था।
क्या है पूरा विवाद? (What is CBSE OSM Dispute)
बता दें कि सीबीएसई ने बीती 13 मई को कक्षा 12वीं के नतीजे (CBSE Class 12th Result 2026) जारी किए थे। इस बार बोर्ड ने पहली बार छात्रों की बोर्ड कॉपियां कंप्यूटर स्क्रीन पर यानी ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM service) के जरिए चेक करवाई थीं। रिजल्ट आते ही देश भर के हजारों छात्रों ने अपने नंबरों में भारी विसंगतियों और कम नंबर मिलने की शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद अब इस पूरी मूल्यांकन प्रणाली की जांच देश की सबसे बड़ी कमेटियों द्वारा की जा रही है।



