रायपुर के मरीन ड्राइव में वीर सावरकर की प्रतिमा पर सियासत तेज, कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने

रायपुर के प्रसिद्ध तेलीबांधा तालाब यानी मरीन ड्राइव में वीर सावरकर की प्रतिमा स्थापित करने के प्रस्ताव पर सियासी घमासान शुरू हो गया है। सावरकर स्मृति संस्था द्वारा नगर निगम को आवेदन दिए जाने के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।
इस मुद्दे पर दीपक बैज ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या भाजपा अब तेलीबांधा का नाम भी सावरकर के नाम पर रखना चाहती है। उन्होंने कहा कि इस स्थान का नाम माता कर्मा और तेलहीन माई के नाम पर होना चाहिए। दीपक बैज ने वीर सावरकर को लेकर भी तीखी टिप्पणी की और भाजपा पर इतिहास को अपने तरीके से पेश करने का आरोप लगाया।
वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के बयान पर रायपुर नगर निगम के एमआईसी सदस्य दीपेश जायसवाल ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा लोगों को भ्रमित करने की राजनीति करती है। लोकतंत्र में किसी भी संस्था को आवेदन देने का अधिकार है और प्रस्ताव पर नियमानुसार प्रक्रिया होगी।
सावरकर स्मृति मंच के संयोजक इंजीनियर गिरधारी ने बताया कि संस्था ने रायपुर महापौर मीनल चौबे और संस्कृति विभाग के अध्यक्ष अमर गिदवानी को औपचारिक ज्ञापन सौंपा है। उनका कहना है कि शहर में कई महापुरुषों की प्रतिमाएं लगी हैं, ऐसे में वीर सावरकर की प्रतिमा भी लगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सावरकर ने साहित्य, स्वतंत्रता आंदोलन और जेल यातनाओं के दौरान बड़ा योगदान दिया था।
संस्था ने मरीन ड्राइव का प्रस्ताव इसलिए चुना क्योंकि यहां रोज बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। उनका कहना है कि अगर प्रतिमा के साथ लाइट शो शुरू किया जाए तो यह जगह बड़ा टूरिस्ट अट्रैक्शन बन सकती है।
जानकारी के मुताबिक यह प्रस्ताव पहले मेयर-इन-काउंसिल (MIC) की बैठक में रखा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद इसे नगर निगम की सामान्य सभा में पेश किया जाएगा।
गौरतलब है कि तेलीबांधा तालाब रायपुर का प्रमुख पर्यटन और Evening Walk Spot माना जाता है। यहां लगा 82 मीटर ऊंचा तिरंगा भी लोगों के आकर्षण का केंद्र है। अब वीर सावरकर की प्रतिमा को लेकर शुरू हुआ विवाद आने वाले दिनों में और राजनीतिक रंग ले सकता है।



