मुंगेली कलेक्टर का बड़ा एक्शन: भर्ती में लापरवाही पर CMHO और डीपीएम को थमाया नोटिस, 3 दिन में मांगा जवाब

मुंगेली।
मुंगेली जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग में चल रही बड़ी लापरवाही को लेकर कड़ा रुख अपना लिया है। कलेक्टर कुंदन कुमार के सख्त निर्देश पर जिले की मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. शीला साहा और जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) गिरीश कुर्रे को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत संविदा भर्ती प्रक्रिया में हुई देरी और प्रशासनिक सुस्ती के कारण यह कार्रवाई की गई है। कलेक्टर ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि अगर तीन दिनों के भीतर नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो कड़ी नियमसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

अनुमति के बाद भी लटकी रही भर्ती, योजनाएं हुईं ठप
जारी किए गए नोटिस के मुताबिक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की तरफ से संविदा पदों पर भर्ती के लिए शासन स्तर से बहुत पहले ही मंजूरी मिल चुकी थी। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने तय समय के भीतर पदों को नहीं भरा। इस बड़ी लापरवाही का सीधा असर जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर पड़ा। अस्पतालों में स्टाफ की कमी की वजह से स्वास्थ्य विभाग की कई जरूरी योजनाएं और मैदानी कार्यक्रम बुरी तरह प्रभावित हो रहे थे, जिससे आम जनता को परेशान होना पड़ रहा था।
आयुष्मान कार्ड से लेकर टीकाकरण तक में मिली भारी लापरवाही
कलेक्टर ने केवल भर्ती में देरी ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य विभाग के कई अन्य महत्वपूर्ण कामों में बरती जा रही ढिलाई पर भी कड़ी नाराजगी जताई है। समीक्षा बैठक में सामने आया कि आयुष्मान कार्ड और ‘आभा’ (ABHA) कार्ड बनाने का टारगेट अब तक पूरा नहीं हो पाया है। इसके अलावा, गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों की पहचान, नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए जमीन का आवंटन, बच्चों का टीकाकरण और हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान करने जैसे गंभीर कामों में भी भारी लापरवाही पाई गई। जिले में अवैध रूप से चल रहे झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ भी कोई ठोस एक्शन नहीं लिया जा रहा था।
निष्पक्ष होगी भर्ती, काम में कोताही बर्दाश्त नहीं: कलेक्टर
कलेक्टर कुंदन कुमार ने स्पष्ट किया है कि मुख्य सचिव ने भी सभी सरकारी भर्तियों को पूरी पारदर्शिता और समय पर पूरा करने के कड़े निर्देश दिए हैं। शासन की मंशा के अनुसार मुंगेली जिले में सभी चयन प्रक्रियाएं पूरी तरह निष्पक्ष और नियम के मुताबिक ही पूरी की जाएंगी। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि आम जनता को बेहतर और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं देना प्रशासन की सबसे पहली प्राथमिकता है, और मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ या काम में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



