Chhattisgarh Cabinet Decisions: सीएम विष्णु देव साय की कैबिनेट बैठक में बड़े फैसले, सरकारी स्क्रैप की ई-नीलामी और ठेकेदारों को डामर पर राहत

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (CM Vishnu Deo Sai) की अध्यक्षता में महानदी भवन मंत्रालय में आज एक महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक हुई। इस बैठक में राज्य के विकास और प्रशासनिक व्यवस्था को सुधारने के लिए कई बड़े फैसले लिए गए हैं। सरकार ने सरकारी कबाड़ (Government Scrap) के निपटारे से लेकर सड़क निर्माण की रफ्तार बढ़ाने तक के प्रस्तावों पर मुहर लगा दी है।

Chhattisgarh Cabinet Meeting Updates: कबाड़ की नीलामी के लिए MSTC से करार बढ़ा
कैबिनेट बैठक में राज्य के सरकारी विभागों, निगमों और मंडलों में जमा कबाड़ और अनुपयोगी सामानों के पारदर्शी निपटारे पर बड़ा फैसला हुआ। सरकार ने भारत सरकार के उपक्रम Metal Scrap Trading Corporation Limited (MSTC) के साथ अनुबंध को अगले 3 साल के लिए बढ़ा दिया है।
यह पुराना कॉन्ट्रैक्ट 31 मई 2026 को खत्म हो रहा था। अब MSTC के E-Auction Platform के जरिए देशभर के खरीदार बोली लगा सकेंगे। इससे छत्तीसगढ़ सरकार को कबाड़ का बेहतर दाम मिलेगा। साथ ही विभागों को अलग से टेंडर निकालने की जरूरत नहीं होगी, जिससे समय और सरकारी पैसे की बचत होगी।
Vyapam Merge: छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल अब सामान्य प्रशासन विभाग के अधीन
युवाओं और सरकारी नौकरियों से जुड़ा एक और बड़ा बदलाव किया गया है। अब छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (Chhattisgarh Staff Selection Board) को सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के अधीन कर दिया गया है। इसके लिए सरकार कार्य आवंटन नियम में संशोधन करेगी। आपको बता दें कि नए अधिनियम के तहत पुराने छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (CG Vyapam) का विलय पहले ही नए कर्मचारी चयन मंडल में हो चुका है।
Road Construction in Chhattisgarh: सड़क ठेकेदारों को मिलेगी मूल्य राहत
ग्लोबल मार्केट में पेट्रोलियम पदार्थों और डामर (Bitumen) की कीमतों में भारी उछाल आया है। इसे देखते हुए साय कैबिनेट ने सड़क निर्माण कार्य (Road Construction Work) की रफ्तार बनाए रखने के लिए ठेकेदारों को बड़ी राहत दी है।
सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक की अवधि के लिए अनुबंधित ठेकेदारों को आंशिक मूल्य राहत (Price Compensation) देने का फैसला किया है। इसके लिए एक खास फॉर्मूला तय किया गया है, ताकि डामर की बढ़ी कीमतों के कारण राज्य में सड़कों का काम न रुके। भारत सरकार के परिवहन मंत्रालय ने भी नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स के लिए ऐसे ही निर्देश जारी किए हैं।



