हौसले की उड़ान: धमतरी की बेटी कुसुम लता ने विपरीत हालातों में रचा इतिहास, 97.40% अंक पाकर प्रदेश की टॉपर लिस्ट में बनाई जगह

धमतरी।
मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो परिस्थितियां कभी आड़े नहीं आतीं। इसे सच कर दिखाया है धमतरी जिले के एक छोटे से गांव कंडेल की बेटी कुमारी कुसुम लता बिप्रे ने। सीमित संसाधनों और साधारण परिवार से आने वाली कुसुम लता ने माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए 97.40 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। इस बेहतरीन स्कोर के साथ उन्होंने पूरे छत्तीसगढ़ की प्रावीण्य सूची (मेरिट लिस्ट) में पांचवां स्थान झटका है। उनकी इस सफलता से न केवल धमतरी जिला गौरवान्वित हुआ है, बल्कि ग्रामीण इलाकों की सैकड़ों बेटियों को आगे बढ़ने की नई राह मिली है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंच पर किया सम्मानित
‘सुशासन तिहार 2026’ के तहत धमतरी में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान सूबे के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस होनहार बिटिया को मंच पर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कुसुम लता को शॉल और श्रीफल भेंट किया। साथ ही, उनकी आगे की पढ़ाई और तकनीकी शिक्षा को आसान बनाने के लिए सरकार की तरफ से एक टैबलेट भी उपहार में दिया। सीएम ने बेटी के उज्ज्वल भविष्य के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया।
‘विकसित छत्तीसगढ़ की नई पहचान हैं हमारी बेटियां’
इस खास मौके पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज प्रदेश की बेटियां शिक्षा, खेल और विज्ञान से लेकर हर क्षेत्र में अपना लोहा मनवा रही हैं। राज्य सरकार उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए हर संभव मदद दे रही है। सीएम ने कहा कि कुसुम लता की यह बड़ी कामयाबी यह साबित करती है कि अगर लक्ष्य साफ हो, तो कोई भी रुकावट आपको रोक नहीं सकती। ग्रामीण अंचलों से निकल रही ऐसी मेधावी प्रतिभाएं ही असल मायने में विकसित छत्तीसगढ़ की नई पहचान हैं।
नियमित पढ़ाई और अनुशासन ही सफलता का मंत्र
अपनी इस बड़ी सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कुसुम लता ने बताया कि उन्होंने बिना किसी तनाव के रोज नियम से पढ़ाई की। अनुशासन बनाए रखा और इसमें उनके परिवार का पूरा सहयोग मिला। आज गांव की कई दूसरी बेटियां कुसुम लता को अपनी रोल मॉडल मान रही हैं। इस गौरवशाली पल के दौरान महासमुंद सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, कुरूद विधायक श्री अजय चन्द्राकर, धमतरी विधायक श्री ओंकार साहू और महापौर श्री रामू रोहरा सहित भारी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और आम लोग मौजूद रहे।



