ऑपरेशन सिंदूर के 365 दिन: पाकिस्तान पर दबाव, आतंकी नेटवर्क कमजोर

नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर के एक साल बाद भी पाकिस्तान और उसके आतंकी नेटवर्क पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं। कार्रवाई के बाद लश्कर और जैश जैसे संगठनों की गतिविधियां सीमित हुई हैं और उनके बड़े चेहरे सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, हाफिज सईद और मसूद अजहर लंबे समय से अंडरग्राउंड हैं। ऑपरेशन के दौरान इनके ठिकानों को निशाना बनाया गया था, जिसके बाद इन संगठनों की संरचना कमजोर हुई है।
बताया जा रहा है कि कार्रवाई में कई आतंकी ठिकाने तबाह हुए, जिससे लश्कर और जैश की क्षमता प्रभावित हुई। बीते एक साल में इनके कई कमांडर भी हमलों में मारे गए हैं, जिससे नेटवर्क और कमजोर हुआ है।
दूसरी ओर, पाकिस्तान जल संकट से जूझ रहा है। सिंधु नदी के जल प्रवाह में कमी से पंजाब और सिंध प्रांत प्रभावित हुए हैं। इस मुद्दे को पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उठा चुका है, लेकिन अब तक राहत नहीं मिली है।
एयरस्पेस बंद करने के फैसले से पाकिस्तान को आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है। एविएशन सेक्टर में हर महीने भारी घाटा दर्ज किया जा रहा है, जिससे आर्थिक दबाव और बढ़ा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऑपरेशन के बाद सुरक्षा और कूटनीतिक स्तर पर भारत की रणनीति का असर साफ दिख रहा है, जबकि पाकिस्तान को कई मोर्चों पर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।


