प्रोजेक्ट धड़कन’ ने अबूझमाड़ की पारूल को दिया नया जीवन: रायपुर में हुई सफल हार्ट सर्जरी

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित ‘प्रोजेक्ट धड़कन’ नारायणपुर के सुदूर वनांचल में उम्मीद की नई किरण बनकर उभरा है। नारायणपुर के दुर्गम गांव ब्रेहबेड़ा की 2 वर्षीय मासूम पारूल दुग्गा, जो जन्मजात हृदय रोग से जूझ रही थी, उसे इस प्रोजेक्ट के माध्यम से नया जीवन मिला है। रायपुर के श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में 10 अप्रैल को पारूल की सफल हार्ट सर्जरी की गई, जिसके बाद वह अब पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने परिवार के बीच लौट चुकी है। कभी सामान्य बच्चों की तरह खेल पाने में असमर्थ और जल्द थक जाने वाली पारूल की मुस्कान ने आज पूरे अबूझमाड़ अंचल में शासन की संवेदनशीलता की कहानी बयां की है।
3000 बच्चों की स्क्रीनिंग और समय पर सटीक इलाज: मील का पत्थर बनी पहल
नारायणपुर जिले में फरवरी 2026 में शुरू हुए ‘प्रोजेक्ट धड़कन’ के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांव-गांव और आंगनबाड़ी केंद्रों में जाकर अब तक 3000 से अधिक बच्चों की हृदय संबंधी जांच की है। स्क्रीनिंग के दौरान पारूल समेत तीन बच्चों में गंभीर बीमारी के लक्षण मिले, जिन्हें वन मंत्री केदार कश्यप ने विशेष पहल कर इलाज के लिए रायपुर रवाना किया था। कलेक्टर नारायणपुर ने इस सफलता को बाल स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर बताया है। प्रशासन का संकल्प है कि वनांचल के किसी भी बच्चे को संसाधनों के अभाव में इलाज से वंचित न रहना पड़े। यह सफलता उस मजबूत भरोसे का प्रतीक है कि छत्तीसगढ़ के सुदूर जंगलों में रहने वाले परिवारों के बच्चों का भविष्य भी अब सुरक्षित हाथों में है।



